ठंड की दस्तक के साथ लोगों को आंखों में जलन, थकान जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं। दरअसल, ठंडी हवा और तापमान में लगातार उतार–चढ़ाव से आंखों की नमी खत्म हो जाती है।
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हाल ही में हुए 43वें कॉन्ग्रेस ऑफ द यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कैटरेक्ट एंड रिफ्रैक्टिव सर्जन्स (ESCRS) में एक स्टडी पेश की गई। इसके मुताबिक, अमेरिका और यूरोप में 50% से ज्यादा लोग ड्राई आई की समस्या से परेशान हैं। भारत में भी स्थिति लगभग ऐसी ही है। प्रदूषण, स्क्रीन टाइम और एसी के ज्यादा इस्तेमाल से यहां ड्राई आई की समस्या तेजी से बढ़ रही है और सर्दियों में यह समस्या और बढ़ जाती है।
इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-
• सर्दियों में आंखों की कॉमन समस्याएं क्या हैं?
• कॉमन आई प्रॉब्लम्स से कैसे बचें?
• हेल्दी आंखों के लिए क्या खाएं?
एक्सपर्ट: डॉ. दिग्विजय सिंह, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- सर्दियों में आंखों की कौन-कौन सी समस्याएं होती हैं?
जवाब- सर्दियों में हवा में कम नमी और ठंड की वजह से आंखें जल्दी सूखती हैं, जिससे जलन, लालिमा और ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में पिंक आई जैसे इंफेक्शन भी कॉमन हैं, क्योंकि वायरस और बैक्टीरिया आसानी से फैलते हैं।ठंड के मौसम में घर के अंदर बिस्तर और पर्दों में डस्ट के साथ बैक्टीरिया पनपते हैं। डस्ट से फंगस पनपने का भी ज्यादा जोखिम होता है। इसके कारण विंटर एलर्जी से खुजली और जुकाम जैसी समस्याएं होती हैं।
इन समस्याओं को विस्तार से समझते हैं।
1. ड्राई आई
सर्दियों में हवा में कम नमी और ठंडा तापमान मिलकर आंखों की नमी सोख लेते हैं। इसके कारण आंखों की ऊपरी सतह सूखने से जलन, लालिमा व इंफ्लेमेशन होने लगता है। अगर इसे समय पर ध्यान न दिया जाए तो आंखें डैमेज भी हो सकती हैं।

2. आई इंफेक्शन
ठंडे और ड्राई मौसम की वजह से सर्दियों में आंखों के इंफेक्शन कॉमन है। ये इंफेक्शन अक्सर वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो सकते हैं। इससे आंखों में लालिमा, सूजन और पानी निकलने जैसी समस्या हो सकती है।

3. विंटर एलर्जी
सर्दियों में आंखों की एलर्जी आमतौर पर घर के अंदर मौजूद डस्ट माइट्स (धूल में मौजूद बैक्टीरिया) और डस्ट मोल्ड (धूल में पनपने वाले फंगस) से होती है। घर के बाहर पॉल्यूशन से आंखों में लालिमा, खुजली, पानी आना और पलकों में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- कौन सी छोटी-छोटी गलतियों से आंखों को नुकसान होता है?
जवाब- सर्दियों में आंखों की समस्याएं अक्सर हमारी रोजाना की छोटी-छोटी गलतियों से बढ़ जाती हैं। सभी गलतियां ग्राफिक्स में देखिए-

आइए अब इन्हें विस्तार से समझते हैं
UV प्रोटेक्शन चश्मा न पहनना
सर्दियों में लोग अक्सर मान लेते हैं कि सूरज की रोशनी कम है तो यूवी प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं है। जबकि ठंड के मौसम में UV किरणें कम नहीं होती हैं। बल्कि, बर्फ, धुंध और ओस उन्हें और ज्यादा रिफ्लेक्ट करती है, जिसके कारण आंखों पर दोगुना असर पड़ता है। इसलिए दिन में यूवी प्रोटेक्टेड चश्मा पहनकर ही बाहर निकलें।
आंखों को रगड़ना
सर्दियों में आंखें ज्यादा सूखती हैं, खुजली होती है और लोग अनजाने में बार-बार आंखें रगड़ते हैं। इस दौरान वे अपने हाथ भी साफ नहीं करते हैं। इससे दो बड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
- आंख रगड़ने से कॉर्निया पर माइक्रो-स्क्रैच आ सकते हैं, जिससे जलन और लालिमा बढ़ती है।
- हाथों में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस आंखों में पहुंचकर कंजंक्टिवाइटिस जैसे इंफेक्शन फैला सकते हैं।
पानी कम पीना
सर्दियों में प्यास कम लगती है। प्यास का एहसास न होने के कारण लोग पानी कम पीते हैं, लेकिन इसका सीधा असर आंखों पर पड़ता है। शरीर डिहाइड्रेट होने पर आंसू कम बनते हैं, जिससे ड्राई आई, जलन, चुभन और ब्लर विजन की समस्या होती है।
सीधे हीट सोर्स के सामने बैठना
हीटर, ब्लोअर, कार हीटर और फायरप्लेस की सीधी गर्म हवा आंखों की नमी को तेजी से सुखा देती है। गर्म हवा आंखों में आंसू बनाने वाली झिल्ली को जल्दी सूखा देती है, जिससे ड्राई आई के लक्षण कई गुना बढ़ जाते हैं।
स्क्रीन टाइम बढ़ा देना
सर्दियों में लोग अधिकतर समय घर के अंदर बिताते हैं, जिससे स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है। ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से ब्लिंक रेट कम होता है और कम ब्लिंकिंग के कारण ड्राई आई की समस्या बढ़ती है।
सवाल- आंखों की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए?
जवाब- हमें सबसे पहले ये देखना होगा कि सर्दियों में किन कारणों से आंखों की समस्याएं हो रही है। जैसे ठंडी हवा, हवा में कम नमी और हीटर की गर्म हवा से समस्याएं बढ़ रही हैं। इसलिए इनसे बचने के लिए घर में ह्यूमिडिफायर चलाएं, ब्लोअर या हीटर के ठीक सामने न बैठें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और ठंडी-खुली हवा में बहुत देर तक बाहर न रहें।

चश्मा/सनग्लास पहनें
तेज-ठंडी हवा सीधे आंखों पर लगती है तो आंखों की नमी तेजी से खत्म हो जाती है। इसके लिए सनग्लास या चश्मा पहनें ये हवा को ब्लॉक करके आंखों में नमी बनाए रखते हैं।
ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें
घर में हीटर चलने से हवा रूखी हो जाती है। ऐसे में ह्यूमिडिफायर नमी बनाए रखने में मदद करता है।
पानी पीते रहें
ठंड के मौसम में कम प्यास लगने के बावजूद शरीर और आंखों को पानी की जरूरत बाकी मौसमों के बराबर ही रहती है। इसलिए ठंड में भी दिनभर में 6–8 गिलास पानी पीना जरूरी है, भले ही प्यास न लगे। हर्बल टी, सूप और नारियल पानी हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं।
लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें
आर्टिफिशियल टियर्स तुरंत नमी देकर आंखों का सूखापन कम करते हैं। ऐसे में दिन में 2–3 बार लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स से आंखों को आराम मिलता है। जलन कम होती है और नमी बनी रहती है।
20-20-20 नियम अपनाएं
आंखों को आराम के लिए हर 20 मिनट बाद, 20 सेकंड तक, 20 फीट दूर की किसी चीज को देखें। इससे आंखों की मांसपेशियों को राहत मिलती है और ड्राईनेस कम होती है।
हाथ साफ रखें
हाथ गंदे होने से आंखों में बैक्टीरिया या वायरस पहुंच सकते हैं। सर्दियों में यह खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए हाथों को बार-बार धोना आंखों को सुरक्षित रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
आंखें रगड़ने से बचें
आंखें रगड़ने से सूखापन, लालिमा और जलन और बढ़ जाती है। अगर खुजली हो तो रगड़ने की बजाय आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करें या हल्की गर्म सिकाई करें।
स्क्रीन से ब्रेक लें
लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखने से आंखों पर दबाव बढ़ जाता है। आंखें लगातार स्क्रीन पर टिकी रहने से थकान, जलन और ड्राईनेस बढ़ती है। काम के बीच स्क्रीन से छोटे-छोटे ब्रेक लेने से आंखों को आराम ममिलता है और तनाव कम होता है।
गर्म हवा से आंखों को बचाएं
अगर कमरे में हीटर या ब्लोअर चल रहा है तो कोशिश करें कि गर्म हवा सीधे चेहरे या आंखों पर न लगे। इसके लिए हीटर की दिशा चेहरे से थोड़ी बदलकर रखें।

सवाल- सर्दियों में आंखों की सुरक्षा के लिए क्या खाएं?
जवाब- सर्दियों में ड्राईनेस, जलन और आंखों की थकान बढ़ जाती है। ऐसे में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर भोजन आंखों को पोषण देता है और उन्हें पूरे मौसम स्वस्थ, सक्रिय और सुरक्षित रखता है।
सर्दियों में आंखों की सुरक्षा से जुड़े कॉमन सवाल और जवाब
सवाल- क्या बच्चों को भी सर्दियों में ड्राई आई या एलर्जी की समस्या होती है?
जवाब- हां, बच्चे धूल और सूखी हवा से ज्यादा प्रभावित होते हैं और अक्सर आंखें रगड़ते हैं जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
सवाल- क्या कॉन्टैक्ट लेंस सर्दियों में ज्यादा नुकसानदायक हैं?
जवाब- आमतौर पर साफ लेंस यूज करने और लेंस हाइजीन रखने पर नुकसान नहीं होता है, लेकिन सूखी हवा के कारण असहजता बढ़ सकती है।
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