विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रविवार शाम सिवनी जिला चिकित्सालय में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान रात में एक रैली भी निकाली गई, जिसके जरिए से लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक किया गया।
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नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इसमें एचआईवी के कारण, बचाव के तरीके और संक्रमित होने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
एड्स के शुरुआती लक्षणों की जानकारी दी
आई.सी.टी.सी. जिला चिकित्सालय सिवनी से अशोक गोवंशी ने एड्स के शुरुआती लक्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें बुखार, थकान, ग्रंथियों में सूजन, सिरदर्द, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। संक्रमण बढ़ने पर वजन में कमी, बार-बार संक्रमण (जैसे निमोनिया और यीस्ट इन्फेक्शन), रात को पसीना आना, मुंह या जननांगों पर छाले और त्वचा पर दाने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
आई.सी.टी.सी. जिला चिकित्सालय सिवनी से अशोक गोवंशी, शिवा खालिद, अवनीश ठाकुर, अजय गुप्ता (फार्मासिस्ट), कैथोलिक एसोसिएशन की टीम और संपूर्ण सुरक्षा टीम ने कार्यक्रम में भाग लिया। आई.सी.टी.सी. छपारा से अरुण श्रीवास्तव (एलटी), मंजू यादव और परामर्शदाता फौजिया अंजुम भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित व्यवहार संबंधी जानकारी देना था। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसी को ऐसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये लक्षण अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए सटीक निदान के लिए परीक्षण आवश्यक है।
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