रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश में IAS अफसर संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर ब्राह्मण समाज का आक्रोश कम नहीं हो रहा है. भोपाल में ब्राह्मण समाज और कर्मचारी संगठनों ने आज (रविवार) प्रदर्शन बुलाया है. वे सिर पर कफन बांधकर प्रदर्शन करेंगे. समाज की ओर से IAS अधिकारी संतोष वर्मा के निलंबन, उनपर केस दर्ज करने और अफसर को मिले IAS अवॉर्ड की जांच की मांग की जा रही है. रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा ने संतोष वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है. सांसद ने संतोष वर्मा के प्रमोशन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी मूल रूप से अनुसूचित जाति (SC) के हैं लेकिन IAS में चयन और पदोन्नति के लिए खुद को अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का बताकर लाभ लिया.
संतोष वर्मा के मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा (MPPSC) से IAS में प्रमोट होने के बावजूद उनके चयन की प्रक्रिया पर जांच की मांग की गई है. सांसद जनार्दन मिश्रा ने पत्र में लिखा कि अगर वर्मा के प्रमोशन में अनियमितता पाई जाती है, तो उन्हें डिमोट किया जाए. सांसद ने संतोष वर्मा के एक पुराने आपराधिक मामले का भी पत्र में जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि 2021 में एक महिला के साथ मारपीट और अश्लील शब्दों के इस्तेमाल के आरोप में संतोष वर्मा पर केस दर्ज हुआ था. उन्होंने फर्जी राजीनामा पेश कर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की थी. जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई और जेल भेजा गया. यह मामला अब भी कोर्ट में लंबित है, फिर भी उन्हें प्रमोशन दे दिया गया, जो प्रशासनिक नैतिकता पर सवाल खड़े करता है.
IAS अधिकारी पर कार्रवाई की मांग
बताते चलें कि मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांताध्यक्ष वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने मंच से ब्राह्मण बेटियों को लेकर एक बयान दिया था, जिसके बाद विवाद बढ़ता गया. वर्मा का जगह-जगह विरोध हो रहा है. ब्राह्मण समाज अफसर पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. संतोष वर्मा के खिलाफ रैलियां निकाली जा रही हैं. लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों के बढ़ते विरोध को देखते हुए विभाग की ओर से IAS संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्हें जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है.
अफसर में समर्थन में अजाक्स
वहीं अजाक्स IAS अफसर संतोष वर्मा के समर्थन में उतरा आया है. उन्होंने अधिकारी को दिए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की मांग की है. संगठन ने अफसर को सिर कलम करने की धमकी देने वालों, फोटो पर कालिख पोतने और चप्पल चलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने संवैधानिक दायरे में रहकर असहमति का विरोध करने की अपील की. संगठन ने
खंडवा में स्थानीय सक्षम अधिकारी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को संबोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा है.
IAS संतोष वर्मा के खिलाफ भोपाल में हल्ला बोल, सिर पर कफन बांधकर होगा प्रदर्शन
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Bhopal News: भोपाल में आज (रविवार) ब्राह्मण समाज और कर्मचारी संगठनों ने IAS अफसर संतोष वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन बुलाया है. विवादित बयान देने वाले अधिकारी के खिलाफ वे सिर पर कफन बांधकर प्रदर्शन करेंगे.
रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश में IAS अफसर संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर ब्राह्मण समाज का आक्रोश कम नहीं हो रहा है. भोपाल में ब्राह्मण समाज और कर्मचारी संगठनों ने आज (रविवार) प्रदर्शन बुलाया है. वे सिर पर कफन बांधकर प्रदर्शन करेंगे. समाज की ओर से IAS अधिकारी संतोष वर्मा के निलंबन, उनपर केस दर्ज करने और अफसर को मिले IAS अवॉर्ड की जांच की मांग की जा रही है. रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा ने संतोष वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है. सांसद ने संतोष वर्मा के प्रमोशन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी मूल रूप से अनुसूचित जाति (SC) के हैं लेकिन IAS में चयन और पदोन्नति के लिए खुद को अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का बताकर लाभ लिया.
संतोष वर्मा के मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा (MPPSC) से IAS में प्रमोट होने के बावजूद उनके चयन की प्रक्रिया पर जांच की मांग की गई है. सांसद जनार्दन मिश्रा ने पत्र में लिखा कि अगर वर्मा के प्रमोशन में अनियमितता पाई जाती है, तो उन्हें डिमोट किया जाए. सांसद ने संतोष वर्मा के एक पुराने आपराधिक मामले का भी पत्र में जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि 2021 में एक महिला के साथ मारपीट और अश्लील शब्दों के इस्तेमाल के आरोप में संतोष वर्मा पर केस दर्ज हुआ था. उन्होंने फर्जी राजीनामा पेश कर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की थी. जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई और जेल भेजा गया. यह मामला अब भी कोर्ट में लंबित है, फिर भी उन्हें प्रमोशन दे दिया गया, जो प्रशासनिक नैतिकता पर सवाल खड़े करता है.
IAS अधिकारी पर कार्रवाई की मांग
बताते चलें कि मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांताध्यक्ष वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने मंच से ब्राह्मण बेटियों को लेकर एक बयान दिया था, जिसके बाद विवाद बढ़ता गया. वर्मा का जगह-जगह विरोध हो रहा है. ब्राह्मण समाज अफसर पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. संतोष वर्मा के खिलाफ रैलियां निकाली जा रही हैं. लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों के बढ़ते विरोध को देखते हुए विभाग की ओर से IAS संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्हें जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है.
वहीं अजाक्स IAS अफसर संतोष वर्मा के समर्थन में उतरा आया है. उन्होंने अधिकारी को दिए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की मांग की है. संगठन ने अफसर को सिर कलम करने की धमकी देने वालों, फोटो पर कालिख पोतने और चप्पल चलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने संवैधानिक दायरे में रहकर असहमति का विरोध करने की अपील की. संगठन ने खंडवा में स्थानीय सक्षम अधिकारी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को संबोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Bhopal,Madhya Pradesh
November 30, 2025, 09:03 IST
IAS संतोष वर्मा के खिलाफ भोपाल में हल्ला बोल, सिर पर कफन बांधकर होगा प्रदर्शन
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