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Chhatarpur News: राकेश ने कहा, ‘इस घटना के बाद मैं बुरी तरह बीमार पड़ गया. मैं अपने घर में करीब 7 दिनों तक बिस्तर पर लेटा रहा. मुझे बुखार ने बुरी तरह जकड़ लिया था. यह सदमा मेरे लिए इतना भयानक था कि आज भी मेरे मन में यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना बसी हुई है.’
छतरपुर. गांव-देहात में भूत-प्रेतों के किस्से-कहानियों की भरमार होती है. आज हम आपको भूत की एक ऐसी सच्ची कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रहने वाले राकेश अहिरवार के साथ आज से 20 साल पहले एक ऐसी घटना हुई थी, जिसे सोचकर वह आज भी डर जाते हैं. राकेश ने लोकल 18 को बताया कि आज से 20 साल पहले उनके साथ एक ऐसी घटना हुई थी, जिसे वह आज भी नहीं भूल पाए हैं क्योंकि उस घटना ने मुझे सदमे में डाल दिया था. उस वाक्ये के बाद वह 7 दिन तक उठ नहीं पाए थे.
राकेश ने कहा, ‘मैं अपने दोस्तों के साथ सरबई मेला देखकर आ रहा था. मेला घूमते-घूमते ज्यादा देर हो गई थी. कुछ दोस्तों ने बोला कि यहीं हमारे यहां रुक जाओ लेकिन मैंने यह कहते हुए मना कर दिया कि मेरा गांव 3 किमी दूर ही है. पैदल-पैदल पहुंच जाऊंगा. रात का समय था और लगभग 9 बज रहे थे. मैं रात के अंधेरे में अकेले एक तालाब से निकला और मुझे भेड़ का एक छोटा बच्चा दिखाई दिया.’
गोद में उठा लिया भेड़ का बच्चा
उन्होंने कहा, ‘भेड़ का बच्चा लगभग डेढ़ महीने का था. भेड़ को देखकर मैंने सोचा कि यह गांव का ही भेड़ होगा और मैंने उसे गोद में उठा लिया. मुझे लगा कि यह अन्य भेड़ों से बिछड़ गया होगा, तो इसे गांव में किसी को दे दूंगा.’
अचानक बढ़ने लगा भेड़ का वजन
राकेश ने आगे कहा, ‘यही सोचते हुए मैंने उसे अपनी गोदी में ले लिया और एक खेत तक चलता रहा लेकिन इसके बाद मुझे समझ आया कि इसका वजन धीरे-धीरे बढ़ रहा है. कुछ देर पहले जिस भेड़ के बच्चे को मैंने आसानी से गोदी में लिया था, उसी बच्चे का वजन अब कुंतलों भारी लग रहा था.’
भेड़ को फेंककर लगा दी दौड़
उन्होंने कहा, ‘मैं समझ गया था कि यह कोई भेड़ का बच्चा नहीं बल्कि भूत है. मैंने न आगे देखा और न पीछे, तुरंत उसे वहीं फेंका और दौड़ लगा दी. बारिश हो रही थी. मैं खेत ही खेत भाग रहा था. चप्पलें खेत में गप गईं. मैं सांसें भर रहा था लेकिन दौड़ रहा था. जैसे-तैसे घर पहुंच गया लेकिन बीमार पड़ गया.’
7 दिन तक बिस्तर पर रहे राकेश
उन्होंने आगे कहा, ‘इस हादसे के बाद मैं बुरी तरह बीमार हो गया. मैं अपने घर में लगभग 7 दिनों तक बिस्तर पर लेटा रहा. मुझे बुखार ने पूरी तरह जकड़ लिया था. यह सदमा इतना भयंकर था कि आज भी मेरे मन में यह डरावनी घटना बसी हुई है. मैं इसे भूल नहीं पा रहा हूं क्योंकि जिसे मैंने भेड़ समझकर गोद में उठाया था वह भूत निकला.’
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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