किस विटामिन की कमी से मीठा खाने का करता है मन? अगर आपको भी होती है क्रेविंग, तो जरूर जान लीजिए

The Real Reason You Want Sugar: कुछ लोगों को मीठा खाना बहुत अच्छा लगता है. मौका मिलते ही वे जमकर मिठाइयां और चॉकलेट्स खाते हैं. अधिकतर लोगों को कभी न कभी मीठा खाने का मन करता है, जिसे शुगर क्रेविंग कहा जाता है. अगर किसी व्यक्ति को बार-बार शुगर क्रेविंग हो रही है, तो यह शरीर में कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की कमी का संकेत हो सकता है. लगातार शुगर क्रेविंग होना शरीर में पोषण की कमी, तनाव, हार्मोनल बदलाव और ब्लड शुगर इम्बैलेंस का संकेत हो सकता है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की कमी दिमाग को तुरंत एनर्जी की मांग करने के लिए प्रेरित करती है. इंस्टेंट एनर्जी पाने का सबसे आसान तरीका मीठा है. इसमें रिफाइंड शुगर होती है, जिससे लोगों को मिनटों में एनर्जी मिलती है और लोग बेहतर महसूस करते हैं. हालांकि ज्यादा मीठा सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि मीठे की क्रेविंग सिर्फ खाने की इच्छा नहीं, बल्कि शरीर का संदेश है कि उसे कुछ जरूरत है.

इन विटामिन्स की कमी से होती है शुगर क्रेविंग

विटामिन B जैसे B1, B6, B9 और B12 शरीर के एनर्जी प्रोडक्शन से जुड़े हुए हैं. जब शरीर में इनकी कमी होती है, तो शरीर खाने को एनर्जी में बदलने में धीमा पड़ जाता है. ऐसी कंडीशन में आपका ब्रेन फास्ट एनर्जी यानी मीठा खाने का संकेत देने लगता है. यही वजह है कि थकान, कमजोरी या काम के दौरान ध्यान न लगने पर मीठा खाने का मन ज्यादा होता है. अगर आपको बार-बार मीठा खाने की इच्छा होती है, तो यह संभव है कि आपके शरीर में विटामिन B की कमी हो.

मैग्नीशियम शरीर में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, इंसुलिन को एक्टिव रखने और तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसकी कमी होने पर ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिससे दिमाग तुरंत मीठा खाने की मांग करता है. यह भी देखा गया है कि जिन लोगों को तनाव ज्यादा होता है या नींद कम आती है, उनमें मैग्नीशियम की कमी और शुगर क्रेविंग दोनों कॉमन होते हैं. शरीर जब शांत और रिलैक्स नहीं होता, तब वह इंस्टेंट एनर्जी सोर्स की तलाश में शुगर की ओर अट्रैक्ट होता है.

क्रोमियम एक ऐसा माइक्रोन्यूट्रिएंट है, जो इंसुलिन के साथ मिलकर ब्लड शुगर को स्थिर रखता है. इसकी कमी शरीर को बार-बार भूख लगने का एहसास कराती है. खासकर इसकी कमी से शुगर क्रेविंग होती है. अगर किसी व्यक्ति को थोड़ी देर बाद ही फिर से भूख लगने लगती है, चक्कर आते हैं या अचानक एनर्जी गिरती है, तो यह क्रोमियम की कमी का संकेत हो सकता है. क्रोमियम की उचित मात्रा शरीर को संतुलित ऊर्जा प्रदान करती है और अनकंट्रोल शुगर क्रेविंग को कम करती है.

विटामिन D और ओमेगा–3 दोनों मूड, फीलिंग्स और ब्रेन बैलेंस के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. शरीर में जब इनकी कमी होती है, तो व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, उदासी, तनाव या थकान बढ़ सकती है. शरीर ऐसी कंडीशन में खुशी और एनर्जी के लिए क्विक फिक्स की तलाश करता है, जिसका सबसे आसान सोर्स मीठा होता है. यही वजह है कि विटामिन D की कमी वाले लोगों में इमोशनल ईटिंग की प्रवृत्ति ज्यादा देखने को मिलती है. ओमेगा–3 की कमी भी मीठे की लत बढ़ा सकती है.

मीठा खाने की क्रेविंग कैसे करें कंट्रोल

अगर आपको भी बार-बार मीठा खाने का मन करता है, तो यह जरूरी है कि आप अपनी डाइट में पोषक तत्वों की पूर्ति करें. हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, दालें, अंडा, दही और साबुत अनाज डाइट में जरूर शामिल करें. सुबह धूप लें, ताकि शरीर में विटामिन D का स्तर सही रहे. तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और पर्याप्त नींद लें. अगर क्रेविंग लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं. सही पोषण और सही आदतों से शुगर क्रेविंग को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है.

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