ऑस्ट्रेलिया ने IRGC को आतंकी लिस्ट में क्यों डाला? कानून से ईरान का तमतमाना तय

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ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित किया है. यह फैसला सिडनी और मेलबर्न में यहूदी समुदाय पर हुए हमलों के बाद लिया गया. सरकार ने नया कानून पास कर आईआरजीसी पर प्रतिबंध लगाया है. अब इस संगठन से संबंध रखने या मदद करने पर 25 साल तक की जेल हो सकती है. यह कार्रवाई खुफिया एजेंसियों की सलाह पर की गई है.

ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की सेना को घोषित किया आतंकी संगठन, यहूदी समुदाय पर हमलों के बाद लिया बड़ा एक्शन. (File Photos : Reuters)

कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. यह फैसला ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय पर हुए हमलों के बाद लिया गया है. जांच एजेंसियों ने पाया कि इन हमलों के पीछे आईआरजीसी का हाथ था. इसके लिए सरकार ने ‘क्रिमिनल कोड अमेंडमेंट एक्ट 2025’ नाम का नया कानून पास किया है. इस नए कानून के तहत आईआरजीसी पहला ऐसा संगठन है जिसे लिस्ट में डाला गया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि विदेशी धरती से रची गई साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब इस संगठन से किसी भी तरह का संबंध रखना भारी अपराध माना जाएगा. गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर यह सख्त निर्णय लिया है.

यहूदियों पर हमले की कायराना साजिश

  • ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन यानी एएसआईओ ने मामले की जांच की थी. जांच में पता चला कि आईआरजीसी ने दो बड़े हमलों की साजिश रची थी. पहला हमला अक्टूबर 2024 में सिडनी में हुआ था. यह हमला लुईस कॉन्टिनेंटल किचन पर किया गया था. दूसरा हमला दिसंबर 2024 में मेलबर्न में हुआ. वहां अदास इजरायल सिनेगॉग को निशाना बनाया गया.
  • सरकार ने इन घटनाओं को कायराना हरकत बताया है. इनका मकसद ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में फूट डालना था. यहूदी समुदाय को डराने और नुकसान पहुंचाने के लिए यह प्लान बनाया गया था. विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि यह एक विदेशी राष्ट्र की खतरनाक आक्रामकता है. ऑस्ट्रेलिया में इसके लिए कोई जगह नहीं है.
  • इस खतरे से निपटने के लिए संसद ने विशेष कानून पास किया है. यह कानून राज्य प्रायोजित आतंकवाद से कड़ाई से निपटता है. अब ऑस्ट्रेलिया में आईआरजीसी की गतिविधियों को निर्देशित करना अपराध है. उसका सदस्य बनना या उसे फंड देना भी गैरकानूनी होगा. यहां तक कि इस संगठन के लिए भर्ती करना या ट्रेनिंग लेना भी अपराध की श्रेणी में आएगा.
  • इस कानून को तोड़ने वालों को कड़ी सजा मिलेगी. दोषियों को 25 साल तक की जेल हो सकती है. अटॉर्नी जनरल मिशेल रोलैंड ने कहा कि यह सुधार बहुत जरूरी थे. इससे विदेशी हमलावरों के लिए ऑस्ट्रेलिया को नुकसान पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा. यह कानून हमारी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा.
सिडनी और मेलबर्न में हमलों का बदला, ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर लगाया सबसे बड़ा बैन. (File : Reuters)

खुफिया एजेंसियों की सलाह पर एक्शन

गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि यह फैसला खुफिया रिपोर्टों पर आधारित है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अब ज्यादा अधिकार मिले हैं. वे चरमपंथी नेटवर्क को आसानी से ध्वस्त कर सकेंगी. आईआरजीसी को लिस्ट करना आतंकी गतिविधियों को रोकने की दिशा में अहम कदम है.

सरकार ने आम जनता को भी आगाह किया है. लोगों को बताया गया है कि आईआरजीसी अब एक प्रतिबंधित संगठन है. इससे किसी भी तरह का संपर्क रखना आपको जेल पहुंचा सकता है. सरकार का कहना है कि हर ऑस्ट्रेलियाई को सुरक्षित महसूस करने का हक है.

Deepak Verma

दीपक वर्मा न्यूज18 हिंदी (डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े दीपक की जर्नलिज्म जर्नी की शुरुआत प्रिंट मीडिया से हुई थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म…और पढ़ें

दीपक वर्मा न्यूज18 हिंदी (डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े दीपक की जर्नलिज्म जर्नी की शुरुआत प्रिंट मीडिया से हुई थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म… और पढ़ें

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ऑस्ट्रेलिया ने IRGC को आतंकी लिस्ट में क्यों डाला? कानून से ईरान का तमतमाना तय

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