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ठंड में आंवला खाने के अनेक फायदे, एम्युनिटी सिस्टम बढ़ाने के साथ साथ ये हमारे शरीर के कई प्रकार के लाभ मिलता है. वहीं आप घर में भी बना सकते है आंवला के जूस, आंवला के मुरब्बा, और आंवला के आचार, ये सभी प्रकार से आप आंवला का सेवन कर सकते हैं और अपने प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं,जानिए आंवला के खाने के फायदे के बारे में विशेषज्ञ ने क्या बताया है.
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की चर्चा तेज हो जाती है. इसी बीच आंवला फिर सुर्खियों में है. एक ही फल में छह तरह के रस होने के कारण इसे आयुर्वेद में रसायन की श्रेणी में रखा गया है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड के मौसम में आंवला शरीर पर गहरा असर डालता है. यह सर्दी और खांसी जैसी मौसमी समस्याओं को दूर रखने में मदद करता है. साथ ही यह पाचन, खून और त्वचा पर भी सीधा प्रभाव डालता है. रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद तिवारी कहते हैं कि आंवला सदियों से औषधि के रूप में इस्तेमाल होता रहा है. आयुर्वेद में इसे रसायन कहा गया है. रसायन का अर्थ है वह चीज जो स्वास्थ्य को बनाए रखे और बीमारी को शरीर तक आने न दे.
डॉ. तिवारी के अनुसार भोजन में छह रस बताए गए हैं- मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा और कसैला. आंवला ऐसे बहुत कम फलों में है, जिसमें ये सभी छह स्वाद एक साथ मिलते हैं. यही गुण इसे सबसे खास बनाता है. ठंड के मौसम में शरीर कई तरह की चुनौतियों से गुजरता है. सर्दी, खांसी, दमा, अस्थमा, एलर्जी और जोड़ों के दर्द जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि आंवला इन सभी स्थितियों में सुरक्षात्मक ढाल की तरह काम करता है. आंवला खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है. विटामिन C की अधिक मात्रा इसे इम्युनिटी बूस्टर बनाती है. नियमित सेवन से शरीर को संक्रमणों से लड़ने की क्षमता मिलती है.
आंवला खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद
आंवला कई रूपों में खाया जा सकता है. मुरब्बा, अचार, चटनी, जूस और कच्चे फल के रूप में इसका सेवन आम है. बाजार में च्यवनप्राश और आंवला कैंडी भी आसानी से उपलब्ध है. हर रूप में इसके फायदे लगभग समान माने जाते हैं. डॉ. तिवारी बताते हैं कि आंवला सालभर उपलब्ध रहता है, लेकिन सर्दियों में इसका प्रभाव ज्यादा दिखता है. सुबह के समय आंवला खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. नाश्ते के साथ आंवला, मुरब्बा या च्यवनप्राश शामिल किया जा सकता है.
त्वचा, बाल और पाचन पर भी असर
उन्होंने कहा कि आंवला खाने का कोई सख्त समय निर्धारित नहीं है. इसे दिन में कभी भी खाया जा सकता है. भोजन के साथ भी अचार या चटनी के रूप में इसका सेवन किया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और संतुलित मात्रा में आंवला लेने से शरीर को गहरा फायदा मिलता है. यह खून को साफ करता है और लिवर को मजबूत बनाता है. त्वचा, बाल और पाचन पर भी इसका असर स्पष्ट दिखता है. आयुर्वेद के अनुसार आंवला एक संपूर्ण स्वास्थ्यवर्धक फल है. सर्दियों में इसे आहार में शामिल करना बेहद लाभकारी माना जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि यह एक साधारण फल नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने वाला प्राकृतिक रसायन है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें
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