Sonam Kapoor Second pregnancy: फिल्म एक्ट्रेस सोनम कपूर की दूसरी प्रेग्नेंसी की सभी अटकलों पर विराम लग चुका है. एक्ट्रेस ने खुद ही अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी कंफर्म कर दी है. खबर है कि, 40 साल की उम्र में एक्ट्रेस सोनम कपूर दूसरी बार प्रेग्नेंट हुई हैं. यानी आनंद आहूजा और सोनम जल्द ही माता-पिता बनेंगे. अच्छी बात ये है वे पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रही हैं. डॉक्टर्स की मानें तो यह उम्र प्रेग्नेंसी के लिहाज से जोखिम भरी होती हैं. हालांकि, पहली प्रेग्नेंसी से दूसरी कम रिस्की है. 40 साल के बाद गर्भावस्था को एडवांस मेटरनल एज (AMA) कहा जाता है, जोकि हाई रिश्क प्रेग्नेंसी मानी जाती है. इसके बाद भी आजकल 35 साल या उसके बाद मां बनने का ट्रेंड बढ़ा है.
बेशक 35 के बाद की यह उम्र कुछ कारणों से ठीक हो, लेकिन डॉक्टर प्रेग्नेंसी के लिए इसे परफेक्ट नहीं मानते हैं. अब सवाल है कि आखिर क्यों बढ़ा 35 की उम्र के बाद मां बनने का ट्रेंड? डिलीवरी की परफेक्ट उम्र क्या होनी चाहिए? 40 की उम्र के बाद मां बनने के जोखिम क्या? इस बारे में News18 को बता रही हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अमृता साहा-
40 के बाद की प्रेग्नेंसी क्यों हो जाती रिस्की
डॉक्टर कहती हैं कि, उम्र बढ़ने के साथ गर्भाशय (यूट्रस) की क्षमता और ओवरी में एग काउंट कम होने लगता है. इससे महिलाओं में प्रेग्नेंट होने के चांस तो कम हो ही जाते हैं. अगर प्रेग्नेंट हो भी जाएं तो, मां और भ्रूण को भी कुछ नुकसान हो सकते हैं. इस उम्र यदि कोई महिला कंसीव करती है तो बच्चे में हाइपरटेंशन, जेस्टेशनल डायबिटीज, प्री-मैच्योर डिलीवरी, क्रोमोसोम असामान्यता या सी-सेक्शन की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, कुछ स्टडी में बच्चे की बेहतर परवरिश को लेकर बड़ी उम्र में मां बनने के लाभ भी बताए गए हैं.
क्यों बढ़ा बढ़ती उम्र में मां बनने का क्रेज?
बढ़ती उम्र में मां बनने का कारण उनका करियर, फाइनेंशियल प्रॉब्लम या देर से शादी होना हो सकता है. एक स्टडी के मुताबिक, अधिक उम्र में मां बनने वाली महिलाएं 7 से 11 साल तक की उम्र के बच्चों को अनुशासन में कम रखती हैं. इससे बच्चों में व्यवहारिक, सोशल और इमोशनल समस्याएं कम आती हैं. ये बच्चे पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं. साथ ही बड़ी उम्र की महिलाएं ज्यादा मैच्योर होती हैं और प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रेस कम करने सक्षम होती हैं.
40 साल के बाद मां बनने के बड़े जोखिम?
अगर कोई महिला 40 की उम्र के बाद मां बनती है तो जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, सभी का शरीर अलग होता है, इसलिए ये सभी महिलाओं पर लागू नहीं होता है. ऐसी स्थिति में शिशु का आहार सामान्य से अधिक हो सकता है, जिससे डिलीवरी के समय चोट लग सकती है. वहीं, कुछ महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर, प्रीमैच्योर डिलीवरी या सी-सेक्शन की जरूरत पड़ जाती है. इसके अलावा, जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी प्रजनन क्षमता कम होने लगती है. इससे मिसकैरेज या मृत शिशु के जन्म का भी जोखिम बढ़ सकता है.