पति का मिला साथ तो ढाई हजार में खोल लिया बिजनेस, आज इस महिला के प्रोडक्ट की बाहर से आ रही डिमांड

सहारनपुर: अक्सर महिलाएं अपनी खूबसूरती पर ज्यादा ध्यान देती हैं, इसीलिए अपने शरीर पर लगाने वाले प्रोडक्ट लेने के लिए बहुत सोच विचार करना पड़ता है. जबकि मार्केट में बिकने वाला प्रत्येक प्रोडक्ट केमिकल वाला होता है. उसी को देखते हुए सहारनपुर की एक महिला ने घर से ही मात्र ढाई हजार रुपए से अपना एक छोटा सा बिजनेस शुरू किया है और वह बिजनेस साबुन और डिटर्जेंट पाउडर बनाने का है.

इस बिजनेस को शुरू करने का मकसद अपनी गरीबी को दूर करना और लोगों को ऐसे प्रोडक्ट उपलब्ध कराना, जिससे उनकी त्वचा खराब ना हो और उनको केमिकल से बचाया जा सके. उसी कड़ी में सहारनपुर के गंगोह ब्लॉक के गांव कलसी की रहने वाली सुसीता ने अपने पति के साथ मिलकर सरकार की ओर से दी गई मदद से साबुन और डिटर्जेंट पाउडर बनाने का काम शुरू किया.

बाहर से भी लोगों की आ रही डिमांड

शुरू में काम कम रहा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे सरकार की ओर से लगाए गए मेलों में अपने प्रोडक्ट लगाने शुरू किए. लोगों ने उनके साबुन और डिटर्जेंट पाउडर को लेना शुरू किया और इस्तेमाल किया. प्रोडक्ट अच्छा मिलने पर लोगों ने दोबारा से उनके प्रोडक्ट की डिमांड की और आज धीरे-धीरे प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ती जा रही है.

सुसीता एक या दो नहीं, बल्कि 10 से अधिक प्रकार के साबुन तैयार कर रही हैं, जिसमें एलोवेरा, पपीता, मुल्तानी मिट्टी, खीरा, ककड़ी, नींबू, संतरा शामिल है. वहीं सुसीता की यह साबुन मार्केट में बिकने वाली अन्य साबुन से कम दाम पर भी उपलब्ध हो रही है. वहीं सुसीता के पास अब बाहर से भी लोगों के ऑर्डर आने लगे हैं.

मात्र ढाई हजार से शुरू किया व्यवसाय

सुसीता ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मैं होममेड साबुन बनाती हूं. मैंने सोचा था कि घर बैठकर कुछ नहीं होता है, बाहर निकलकर कुछ ना कुछ तो करना चाहिए. मैं ब्लॉक से भी जुड़ी हुई हूं, ब्लॉक से हमें फंड मिलता है, जो पैसा आता है, उससे हमने अपना काम भी स्टार्ट किया है और कुछ पैसे अपने पास से लगाएं हैं. हम होममेड साबुन बनाते हैं, जिसमें एलोवेरा, मुल्तानी मिट्टी, नीम, पपीता, खीरा, ककड़ी, लेमन, ऑरेंज साबुन तैयार किया जाता है.

उन्होंने आगे बताया कि अगर और साबुन की बात करें तो मार्केट में बिकने वाले साबुन से हमारा साबुन बिल्कुल अलग है. हमारे साबुन में कोई केमिकल नहीं है, हमारे साबुन का स्क्रीन के ऊपर कोई साइड इफेक्ट नहीं है, जबकि बाजार में बिकने वाले साबुन से त्वचा रफ-रफ होने लगती है. जबकि हमारे साबुन से त्वचा मुलायम बनी रहती है.

एक साबुन की कीमत इतनी

सुसीता ने Local 18 को बताया कि अभी हमारा नया-नया काम है और अभी हमने लगभग 500 से 600 साबुन सेल कर दिए हैं. एक बार जिसने हमारा साबुन इस्तेमाल कर लिया, वह दोबारा से डिमांड करता है. साबुन के साथ-साथ हम डिटर्जेंट पाउडर भी बना रहे हैं. इस बिजनेस की ढाई हजार रुपए से शुरुआत की गई थी, जबकि एक साबुन की कीमत मात्र 30 रुपए है.

उन्होंने बताया कि सभी सरकार की ओर से लगाए जाने वाले मेलों में वह अपनी दुकान लगाती हैं और उस दुकान से उनको काफी अच्छे ऑर्डर भी मिलते हैं. फिलहाल धीरे-धीरे उनका काम बढ़ रहा है और आसपास के क्षेत्र से भी लोग उनकी इन साबुन और डिटर्जेंट पाउडर को लेने के लिए आ रहे हैं. वह और उनके पति दोनों मिलकर इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं.

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