Dry cough home remedies: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही, जिसे देखो वह सर्दी-जुकाम, खांसी, गला खराब, बुखार से परेशान रहने लगता है. सर्दी-जुकाम तो फिर भी 2-3 दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन ये जिद्दी खांसी पीछा नहीं छोड़ती. कुछ लोगों को कफ तो किसी को बिना कफ वाली सूखी खांसी महीनों ठीक नहीं होती है. सूखी खांसी में खांस-खांस कर गले में दर्द रहने लगता है. अंदर की तरफ गला खुरदुरा सा हो जाता है. इससे बात करने, खाते समय घोटने में परेशानी होने लगती है. काफी लोग खुद से ही कफ सिरप पीना शुरू कर देते हैं, लेकिन लाभ होता नहीं है. वैसे भी आजकल कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत होने की खबरों से काफी लोग इसे खरीदना ही बंद कर दिए हैं. सूखी खांसी का इलाज आप घर पर भी कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर कर सकते हैं. चलिए जानते हैं कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में जिनसे खांसी (Dry cough) से जल्द ही आराम मिल जाएगा. इनके साइड इफेक्ट भी नहीं होंगे.
सूखी खांसी से छुटकारा पाने के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय
-शहद को आयुर्वेद में औषधि और विज्ञान में नेचुरल कफ सप्रेसेंट माना गया है. शहद का इस्तेमाल वर्षों से स्किन को हेल्दी, सॉफ्ट बनाने के लिए किया जाता है. कुछ लोग शहद का इस्तेमाल वजन कम करने के लिए भी करते हैं. जब आप सूखी खांसी होने पर शहद का इस्तेमाल करते हैं तो यह गले में एक हल्की परत बनाता है. इससे खांसने से होने वाली गले की जलन शांत होती है. बार-बार खांसी नहीं होती है.
-शहद में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सुरक्षा बढ़ाते हैं, ताकि गले में होने वाली सूजन कम हो जाए. एक चम्मच शहद हल्के गर्म पानी में मिक्स करें. इसे धीरे-धीरे पिएं. गर्माहट गले को आराम देगी. शहद की मिठास खांसी को शांत करेगी.
-अदरक की तासीर गर्म होती है, जो शरीर में गर्मी बढ़ाता है. पाचन सही करता है.वहीं, विज्ञान के अनुसार, अदरक में जिंजरॉल नाम का एक तत्व होता है, जो सूजन कम करता है. गले की नसों को रिलैक्स करता है. खांसी की तीव्रता को घटाता है.
-आप खांसी होने पर अदरक के रस में शहद मिक्स करके चाट सकते हैं. यह मिश्रण गले में जमा सूखेपन को दूर करता है. खांसी की जकड़न को खोलता है. इसे आप बच्चों, बुजुर्गों को भी दे सकते हैं.
– तुलसी भी खांसी दूर करती है. कफ संतुलित करती है. इसके पत्तों में ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर में जम चुके जीवाणुओं को खत्म करते हैं. गले की जलन को शांत करते हैं. तुलसी की कुछ पत्तियां धोकर साफ पानी में डालें. इसे उबालकर आधा कर लें. यह एक प्राकृतिक काढ़ा है, जिसे पीने से खांसी कम होती है. काढ़े की गर्माहट और तुलसी की सुगंध, दोनों मिलकर खांसी कम कर सकते हैं. आप इसमें हल्का सा नमक मिक्स कर सकते हैं. इससे गले की सफाई अच्छी तरह होगी.
-नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें. नमक वाला पानी गले की सूजन, दर्द कम करता है. गले में जमे हानिकारक बैक्टीरिया को कमजोर करता है. गरारे से गले की झिल्ली सिकुड़ती और फैलती है. इससे खांसी में होने वाली गले की खुजली कम होती है. दिन भर में दो बार गरारे जरूर करें.
-आप भाप भी ले सकते हैं. इससे गले और नाक के अंदर जमी सूखी परतों को नमी मिलती है. इससे जलन कम होती है. स्टीम वाले पानी में थोड़ा सा पुदीना या नीलगिरी के तेल भी मिक्स कर सकते हैं. इनकी खुशबू और स्टीम से गले की नली खुलती है. सांस लेना में आसानी महसूस होती है.