Last Updated:
Morena Viral Video: मुरैना नगर निगम में भवन अनुमति और नामांतरण के लिए रिश्वत की पोल खुल गई. सूरज कुमार ने महापौर शैलेंद्र सिंह राणा को ज्ञापन देकर खुलासा किया कि कर्मचारियों ने खुलेआम पैसे मांगे. महापौर ने गंभीरता से मामले की जांच का आश्वासन दिया. इस घटना के बाद आम नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी.
Morena Crime News: मुरैना नगर निगम में भ्रष्टाचार का खेल एक बार फिर बेनकाब हुआ है. भवन निर्माण की अनुमति लेने गए एक आम नागरिक सूरज कुमार को खुलेआम रिश्वत मांगी गई. परेशान होकर सूरज कुमार सीधे महापौर शैलेंद्र सिंह राणा ‘कुशवाह’ के पास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि महापौर के सामने ही रिश्वतखोर कर्मचारियों ने फोन पर सूरज से पैसे मांगते रहे.
सूरज कुमार ने बताया कि वे अपने प्लॉट का नक्शा पास कराने और डायवर्सन-नामांतरण कराने नगर निगम आए थे. राजस्व विभाग के आरआई से लेकर डायवर्सन और नामांतरण करने वाले क्लर्क तक, हर जगह कर्मचारियों ने अलग-अलग रकम की मांग की. किसी ने दस हजार तो किसी ने आठ हजार रुपये मांगे. सूरज ने आरोप लगाया कि चार-पांच कर्मचारी मिलकर यह पूरा खेल चला रहे हैं.
सूरज ने महापौर को बताया, “सर, सरकारी फीस के अलावा ये लोग बिना पैसे लिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ाते. मैंने कई बार चक्कर लगाए, फिर मजबूरी में कुछ कर्मचारियों को पैसे भी दे दिए, लेकिन इसके बाद भी आज तक नक्शा पास नहीं हुआ और न ही नामांतरण हुआ.”
सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब हुआ जब महापौर के कक्ष में सूरज अपना ज्ञापन सुना रहे थे. तभी उनके मोबाइल पर एक कर्मचारी का फोन आया. सूरज ने लाउडस्पीकर ऑन कर दिया. फोन पर कर्मचारी बेझिझक बोल रहा था, “भैया, अभी तक पैसे क्यों नहीं भेजे? फाइल तो यहीं अटकी पड़ी है. जल्दी भेजो वरना काम नहीं होगा.” यह सब महापौर स्वयं सुन रहे थे.
सूरज ने ज्ञापन में जिन कर्मचारियों के नाम लिए हैं, उनमें राजस्व विभाग के कुछ आरआई, डायवर्सन सेक्शन के क्लर्क और नामांतरण करने वाले कर्मचारी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग सालों से यही धंधा चला रहे हैं. बिना रिश्वत के एक भी फाइल पास नहीं होती.
ज्ञापन सौंपते समय सूरज ने महापौर से गुहार लगाई, “माननीय महापौर जी, आप खुद सुन रहे हैं कि कैसे खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही है. मेरे जैसे सैकड़ों लोग परेशान हैं. इन भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि आम आदमी को राहत मिले.” महापौर शैलेंद्र सिंह राणा ने ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने आयुक्त को तुरंत जांच के आदेश देने की बात कही.
इस घटना के बाद मुरैना नगर निगम की कचहरी में भ्रष्टाचार की खुली पोल हो गई है. लोग कह रहे हैं कि अगर महापौर सच में कार्रवाई करते हैं, तो कई कर्मचारियों की शामत आ सकती है. आम नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि इस शिकायत के बाद भवन अनुमति और नामांतरण जैसे काम बिना रिश्वत के होने लगेंगे.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has…और पढ़ें
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has… और पढ़ें
.