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Indore Winter Season Dishes: खाने-पीने के मामले में भी इंदौर शहर आगे है. यहां मौसम के साथ व्यंजन और शहिरयों का मूड बदल जाता है. ठंड में तो कई ऐसे आइटम है जो लोगों को दीवाना बना देते हैं. उनमें से खास 5 आइटम यहां बताए गए हैं, जिन पर लोग रोज टूटे रहते हैं. जानें…
मौसम के मिजाज के अनुरूप रसोई और चौपाटी का माहौल भी बदल गया है. जैसे-जैसे हवा में ठंडक घुल रही है, कुछ गरमागरम और चटपटा खाने का मन होने लगा है. ठंड में खाने के लिए चीजों की भरमार है. फिर चाहे वह मसालेदार चीज हो या फिर कोई मिठाई, ठंड में खाने का अलग ही आनंद है.

इंदौर एक ऐसा शहर है, जहां पर ठंड के स्पेशल व्यंजनों की लंबी फेहरिस्त है. इंदौर में आपको गरमागरम गराडू से लेकर कड़क जलेबी, गरम दूध, हलवा जैसे अनेकों पकवान खाने को मिल जाएंगे. यहां दुकानदार ठंड आते ही अपने मेन्यू को पूरी तरह से बदल लेते हैं.

ठंड के मौसम में गरमा-गरम, कुरकुरे भजिए (पकोड़े) खाने का मजा ही कुछ और है. मूंग दाल के भजिए या मूंग बड़े इंदौर में काफी लोकप्रिय हो जाते हैं. इन्हें मूंग दाल को पीसकर, उसमें मसाले, अदरक, और हरी मिर्च मिलाकर बनाया जाता है और फिर तेल में तला जाता है. ये बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं. गरमा-गरम भजिए या मूंग बड़े अक्सर पुदीने या धनिये की तीखी चटनी के साथ परोसे जाते हैं.

ठंड के मौसम में इंदौर की कई दुकानों पर गरमा-गरम कढ़ाई दूध या केसरिया दूध का प्रचलन बढ़ जाता है. इस दूध को एक बड़ी कढ़ाई में लंबे समय तक उबाला जाता है, जिससे यह गाढ़ा हो जाता है और इसके ऊपर मलाई की मोटी परत जम जाती है. इसमें केसर, इलायची और चीनी मिलाई जाती है. ठंड में इस गरम और मलाईदार दूध को पीने से शरीर को तुरंत गर्मी मिलती है, इसमें अक्सर ढेर सारे सूखे मेवा बारीक-बारीक पीस कर डाले जाते हैं, जिससे स्वाद दोगुना हो जाता है.

हलवा पूरे उत्तर भारत में सर्दियों की एक प्रिय मिठाई है और इंदौर भी इससे अछूता नहीं है. सर्दियों में लाल गाजर भरपूर मात्रा में मिलती है, जिसका इस्तेमाल इस स्वादिष्ट हलवे को बनाने में किया जाता है. वहीं मूंग का हलवा आपको देर रात हर मिठाई की दुकान पर मिल जाएगा. यह शुद्ध घी में बनाए जाने वाला हलवा है, जो शरीर को गर्म भी रखता है.

गराडू एक कंद-मूल (रतालू) है, जो मुख्य रूप से सर्दियों में ही उपलब्ध होता है. इंदौर की मशहूर सराफा चौपाटी पर इसकी चाट का प्रचलन बहुत अधिक है. गराडू को चौकोर टुकड़ों में काटकर तेल में तब तक तला जाता है, जब तक वे बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम न हो जाएं. तलने के बाद, इसे एक विशेष मसाले के मिश्रण, नींबू का रस और चाट मसाला डालकर गरमा-गरम परोसा जाता है.

गजक इंदौर की ठंड की पहचान है. यह विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में ही बाजारों में खूब दिखती है. यह तिल और गुड़ से बनी एक कुरकुरी और मीठी मिठाई है. ठंड में इसे खाने का मुख्य कारण यह है कि तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्माहट देती है. गजक कई प्रकार की होती है, जैसे तिल की गजक, मूंगफली की गजक और रोल गजक, लेकिन तिल और गुड़ का पारंपरिक संयोजन सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है.

इंदौर में रबड़ी-जलेबी ठंड और त्योहारों के मौसम का एक अद्वितीय और लोकप्रिय मीठा व्यंजन है. गरमा-गरम, कुरकुरी जलेबी को गाढ़ी, ठंडी और मीठी रबड़ी के साथ परोसा जाता है. जलेबी की गरमाहट और रबड़ी की ठंडक का मेल इसे एक खास स्वाद देता है. यह यहां की कई प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों पर उपलब्ध है और इसे इंदौर का विशेष स्वाद माना जाता है.
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