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सर्दियों में बच्चों की सेहत का सबसे परंपरागत और असरदार देखभाल का तरीका है मालिश. आज भी गांवों में दादी–नानी के नुस्खों से तैयार किया गया घरेलू तेल बच्चों को सर्दी-जुकाम, खांसी और कमजोरी से बचाने में बेहद कारगर माना जाता है. सरसों के तेल में अजवाइन, लहसुन और लौंग का मेल ऐसा प्राकृतिक औषधीय मिश्रण बनाता है, जो न सिर्फ शरीर को गर्म रखता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है. यहां जानिए कैसे तैयार होता है दादी मां का यह देसी तेल और क्या फायदे देता है बच्चों को.
सर्दियों में बच्चों की मालिश के लिए अलग-अलग तेल तैयार किए जाते हैं. बाजारों में कई तरह के तेल मिलते हैं, लेकिन गांवों में दादी–नानी पारंपरिक तरीके से ऐसा तेल बनाती थीं जो बेहद कारगर होता था. इस तेल से मालिश करने पर बच्चे न सिर्फ सर्दी–जुकाम से बचे रहते हैं, बल्कि अन्य स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां भी दूर होती हैं. आइए जानें, देशी तरीके से यह तेल कैसे तैयार किया जाता है और इसके क्या-क्या फायदे होते हैं.

सर्दियों में बच्चों की मालिश के लिए दादी सरसों के तेल में अजवाइन, लहसुन और लौंग मिलाकर खास देसी तेल तैयार करती थीं. इसे बनाने के लिए 4–5 चम्मच सरसों का तेल लें, उसमें 2 चम्मच अजवाइन, 3–4 लौंग और एक पूरा लहसुन डाल दें.

इन सभी चीज़ों को एक साथ मिलाकर मोटी कड़ाही में सरसों का तेल डालें और हल्की आंच पर गरम करें. सबसे पहले इसमें अजवाइन डालकर अच्छे से पकाएं. इसके बाद लहसुन डालें और फिर लौंग को हल्का-सा कूटकर तेल में मिला दें. जब तेल का रंग बदलने लगे और सभी सामग्री अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें.

तेल को एक कटोरी में निकालकर ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद बची हुई अजवाइन या लहसुन को अच्छी तरह मसलकर तेल में मिला दें. जब सबकुछ अच्छी तरह घुल-मिल जाए, तो तेल को महीन कपड़े से छान लें और एक कांच की बोतल में भरकर सुरक्षित रख लें. जरूरत के अनुसार बच्चों की मालिश के लिए इसका उपयोग करें.

तेल को रात में सोने से पहले बच्चों के पैरों के तलवों और हथेलियों पर हल्के हाथों से लगा दें. चाहें तो इसे बच्चे के सीने पर भी लगाया जा सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है. लेकिन, ध्यान रखें—अगर बच्चा बहुत छोटा है तो इसे रोज़ न लगाएं, क्योंकि छोटे बच्चों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है.

तेल को एक कटोरी में निकालकर ठंडा होने दें। ठंडा होने पर बची हुई अजवाइन और लहसुन को उसी तेल में हल्के हाथों से मसल दें, ताकि उनके गुण पूरी तरह तेल में मिल जाएं. इसके बाद मिश्रण को किसी महीन कपड़े से छानकर साफ कांच की बोतल में भर लें. यह तेल तैयार है. इसे जरूरत के अनुसार बच्चों की मालिश के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.