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Winter Skin Care For Babies : सर्दियों में बच्चों की त्वचा की देखभाल में छोटी-छोटी बातें बड़ा फर्क डालती हैं. गुनगुने पानी से नहलाना, तेल या मॉइस्चराइज़र का सही इस्तेमाल और कपड़ों की सही देखभाल से बच्चे के गाल मुलायम और स्वस्थ बने रहते हैं. नियमित देखभाल से आप अपने बच्चे की त्वचा को ठंड के असर से पूरी तरह बचा सकते हैं.
Winter Skin Care For Babies : सर्दियों के आते ही ठंडी हवाएं और सूखी जलवायु बच्चों की नाजुक त्वचा पर सबसे ज़्यादा असर डालती हैं. खासकर छोटे बच्चों के गाल अकसर फट जाते हैं, लाल पड़ जाते हैं और उनमें जलन या खुजली होने लगती है. माता-पिता के लिए यह चिंता का कारण बन जाता है क्योंकि बच्चे इन तकलीफों को ठीक तरह से बयां नहीं कर पाते. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और सही देखभाल से इन परेशानियों से बचा जा सकता है. बच्चों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए किसी भी उपाय को अपनाने से पहले उसे समझना और सही तरीके से करना ज़रूरी है. इस लेख में हम सर्दियों में बच्चों के फटे गालों की देखभाल के कुछ असरदार और सरल घरेलू उपाय साझा कर रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने बच्चे की त्वचा को कोमल और सुरक्षित रख सकते हैं.
नहलाने का सही तरीका
सर्द मौसम में बच्चे को बहुत देर तक पानी में रखना सही नहीं होता. ठंड में ज़्यादा देर तक नहाने से त्वचा की नमी कम हो जाती है और गाल फटने लगते हैं. इसलिए बच्चे को हल्के गुनगुने पानी से ही नहलाएं, बहुत गर्म पानी से नहीं. सप्ताह में तीन बार से ज़्यादा न नहलाएं. बाकी दिनों में गीले कपड़े या स्पॉन्ज से शरीर साफ किया जा सकता है. नहाने के तुरंत बाद हल्के हाथों से तेल या मॉइस्चराइज़र लगाने से त्वचा की नमी बनी रहती है.
मॉइस्चराइज़र और तेल का उपयोग
बच्चों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह से बना मॉइस्चराइज़र चुनें. बाजार में बच्चों की त्वचा के हिसाब से खास क्रीम या लोशन मिलते हैं जो कोमल त्वचा के लिए सुरक्षित रहते हैं. नारियल तेल से हल्के हाथों से मालिश करना भी बहुत फायदेमंद है. यह त्वचा को मुलायम बनाता है और फटे गालों में सुधार लाता है. अगर बच्चा बाहर जाने वाला हो तो गालों पर पहले से पेट्रोलियम जेली या मॉइस्चराइज़र की पतली परत ज़रूर लगाएं ताकि ठंडी हवा का असर न पड़े.
घरेलू उपाय (डॉक्टर की सलाह के साथ)
कई घरेलू नुस्खे भी फटे गालों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं. ग्लिसरीन और गुलाब जल को बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से त्वचा में नमी बनी रहती है और गाल सॉफ्ट हो जाते हैं. कच्चा दूध या मलाई लगाकर कुछ देर छोड़ दें, फिर गुनगुने पानी से हल्के से पोंछकर मॉइस्चराइज़र लगाएं. ये तरीके न केवल सर्दियों में फटे गालों को ठीक करते हैं बल्कि त्वचा को प्राकृतिक रूप से पोषण भी देते हैं.
कपड़े और वातावरण का ध्यान
बच्चे को बहुत ज़्यादा कपड़े पहनाना भी नुकसानदायक हो सकता है. इससे पसीना आने लगता है, जिससे त्वचा और ज़्यादा रूखी हो जाती है. बच्चे को हमेशा मुलायम और हवादार कपड़े पहनाएं. ऊनी या सिंथेटिक कपड़े सीधे त्वचा पर न लगाएं, इनके नीचे सूती कपड़ा पहनाएं. अगर घर में हवा बहुत सूखी हो, तो ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें ताकि वातावरण में नमी बनी रहे.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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