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Jabalpur News: 1875 में ऑफिसर्स मेस में कर्नल नेविल चैंबर्लिन बिलियर्ड्स खेल रहे थे. तभी बिलियर्ड्स टेबल के चारों ओर मौजूद मिलिट्री अकादमी के कैडेट्स अच्छा गेम नहीं खेल रहे थे. चैंबर्लिन ने उनसे बॉल को पॉकेट में डालने को कहा लेकिन वह गेंद को पूल नहीं कर पाए. जिसके बाद बाद उन्होंने उन कैडेट्स को स्नूकर यानी नौसिखिया नाम से पुकारा.
जबलपुर. यदि आप मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में रहते हैं और आपको इस सवाल का जवाब पता है, तब आपके लिए यह गर्व की बात है क्योंकि कौन बनेगा करोड़पति के सीजन 17 में एक करोड़ का सवाल जबलपुर शहर को लेकर पूछा गया. जिसका जवाब हॉट सीट पर बैठे विकास सिंह पवार नहीं दे पाए. दरअसल टीवी शो केबीसी में जबलपुर से जुड़ा एक करोड़ का सवाल पूछा गया था. प्रश्न स्नूकर के जनक आर्मी अफसर के बारे में था. विकास सिंह एक करोड़ के सवाल के लिए खेल रहे थे. उनके पास कोई लाइफलाइन भी नहीं थी. प्रश्न यह था कि जिनका नाम ब्रिटेन के एक पूर्व प्रधानमंत्री का भी नाम है, किस सेना अधिकारी को जबलपुर में स्नूकर खेल आविष्कार करने का अक्सर श्रेय दिया जाता है. इसके चार विकल्प नेविल चैंबर्लिन, विंस्टन चर्चिल, अलेक डगलस होम और हेराल्ड मैकमिलन था.
जबलपुर के नर्मदा क्लब से हुई थी शुरुआत
विश्व प्रसिद्ध स्नूकर गेम की शुरुआत जबलपुर के नर्मदा क्लब से हुई थी या यूं कहें कि स्नूकर गेम का जनक जबलपुर शहर है. इसका इतिहास 17वीं शताब्दी का है. हालांकि उस समय जबलपुर को अंग्रेज जब्बलपोर नाम से पुकारते थे. इस खेल को अंग्रेजों ने पहली बार यहीं खेला था.
17वीं शताब्दी से जुड़ा इतिहास
विश्व में स्नूकर गेम की शुरुआत जबलपुर के नर्मदा क्लब से हुई थी, जिसका इतिहास 17वीं शताब्दी से जुड़ा है. आज भी 17वीं शताब्दी की स्नूकर टेबल नर्मदा क्लब में मौजूद है. टेबल में 1707 साल का उल्लेख भी किया गया है. जब टेबल की सीट बदली जाती है, तब इस इतिहास का उल्लेख टेबल पर मिलता है. हालांकि नर्मदा क्लब 18वीं शताब्दी का है लेकिन स्नूकर टेबल 17वीं शताब्दी की है. मतलब नर्मदा क्लब बनने के पहले भी अंग्रेजों ने इस टेबल का इस्तेमाल किया था.
इस तरह पड़ा स्नूकर नाम
जबलपुर सदर के नर्मदा क्लब में ऑफिसर्स मेस हुआ करती थी, जहां कर्नल चैंबर्लिन मेस का लुत्फ उठाने के साथ ही बिलियर्ड्स खेला करते थे. 1875 में ऑफिसर्स मेस में कर्नल चैंबर्लिन बिलियर्ड्स गेम खेल रहे थे. तभी टेबल के चारों ओर मौजूद मिलिट्री अकादमी के कैडेट्स अच्छा गेम नहीं खेल रहे थे. चैंबर्लिन ने बॉल को पॉकेट में डालने को कहा लेकिन वह गेंद को पूल नहीं कर पाए. इसके बाद उन्होंने उन कैडेट्स को स्नूकर यानी नौसिखिया नाम से पुकारा. बिलियर्ड्स टेबल से ही इस गेम की शुरुआत हुई और इस तरह स्नूकर नाम पड़ा.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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