Last Updated:
Xanax Use and Risks: जैनेक्स एक दवा है, जो एंजायटी और घबराहट जैसी समस्याओं के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल की जाती है. कई लोग सोशल मीडिया पर इसे तनाव दूर करने वाली दवा बताते हैं. हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि इस दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के लेना खतरनाक हो सकता है. जैनैक्स की कोई सेफ लिमिट नहीं है और कभी-कभी लेने पर भी इसकी लत लग सकती है. इसके साइड इफेक्ट में नींद आना, याददाश्त कम होना और कोऑर्डिनेशन में कमी शामिल हैं.
Xanax Uses and Side Effects: आज के जमाने में अधिकतर लोगों की जिंदगी तनावपूर्ण हो गई है. करियर से लेकर पर्सनल लाइफ की चुनौतियों से डील करने में लोग एंजायटी (Anxiety) और तनाव (Stress) का शिकार हो जाते हैं. ये दोनों की समस्याएं अब हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं. कई लोग एंजायटी और स्ट्रेस से राहत पाने के लिए दवाओं का सहारा लेने लगते हैं. सोशल मीडिया पर भी तमाम इंफ्लुएंसर्स कई दवाओं को स्ट्रेस भगाने के लिए मैजिक पिल बताते हैं. इसी तरह की एक दवा फाइजर कंपनी की जैनैक्स (Xanax) है. कई लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज देखकर तनाव मिटाने के लिए यह गोली लेना शुरू कर देते हैं. डॉक्टर्स का साफ कहना है कि इस दवा का गलत इस्तेमाल सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के यह दवा बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए.
क्या कभी-कभी जैनैक्स लेना सेफ है?
सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जैनैक्स को बिना डॉक्टर की सलाह के लेना बिल्कुल सेफ नहीं है. कई लोग सोचते हैं कि कभी-कभार लेने से कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. जैनैक्स की कोई भी सेफ लिमिट नहीं है. कभी-कभी लेने पर भी यह दवा शरीर और दिमाग पर असर डाल सकती है. जैनैक्स को खुद से लेना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इससे हद से ज्यादा नींद आना, याददाश्त कमजोर होना, चक्कर आना और चलने-फिरने में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. शराब या दूसरी दवाओं के साथ इसका मिलना और भी नुकसानदायक होता है. कभी-कभी लेने पर भी इसकी आदत लग सकती है और अचानक दवा छोड़ने पर बेचैनी, घबराहट या दौरे जैसी समस्या हो सकती है.
क्या इस दवा की लत लग सकती है?
डॉ. कुमार बताते हैं कि जैनैक्स की लत बहुत जल्दी लग सकती है. कई बार कुछ हफ्तों में ही शरीर इसकी आदत बना लेता है. यह भी जरूरी नहीं कि रोज लेने से ही लत लगे. कुछ लोगों को बीच-बीच में लेने पर भी इसकी जरूरत महसूस होने लगती है. अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बिना डोज बढ़ा देता है, तो लत लगने और साइड इफेक्ट्स का खतरा और बढ़ जाता है. एंजायटी या पैनिक डिसऑर्डर के इलाज के लिए जैनैक्स के अलावा और भी सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं. इनमें SSRIs या SNRIs जैसी दवाएं शामिल हैं, जो कम आदत डालती हैं और डॉक्टर द्वारा मॉनिटर की जा सकती हैं. अगर कोई व्यक्ति तनाव और चिंता से जूझ रहा है, तो दवा के बजाय कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरपी (CBT), मेडिटेशन, योग, नियमित व्यायाम और सही नींद की आदतें भी राहत दे सकती हैं.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें
.