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Rahul Gandhi in Pachmadhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को पचमढ़ी में चल रहे कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक की. 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “हिम्मत से लड़ना है, सरकार कांग्रेस की बनेगी.”
वासु चौरे/शैलेंद्र कौरव
पचमढ़ी (नर्मदापुरम). कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल पचमढ़ी में पार्टी जिला अध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जोश भर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा “हिम्मत से लड़ना है, सरकार कांग्रेस की बनेगी.” राहुल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब वक्त डरने का नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर संगठन को मजबूत करने का है. यह बैठक कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ का हिस्सा थी, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक का मुख्य फोकस मिशन 2028 को लेकर रणनीति बनाना और संगठन में समन्वय बढ़ाना रहा.
राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि कांग्रेस पिछले चुनाव में बहुत कम अंतर से पीछे रही थी, और अगर ज़मीनी स्तर पर संगठन सक्रिय रहा तो 2028 में जीत सुनिश्चित की जा सकती है. उन्होंने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करें और पार्टी की विचारधारा को घर-घर पहुँचाएँ.
राहुल गांधी ने पचमढ़ी शिविर में कांग्रेस जिला अध्यक्षों को पार्टी को मजबूत करने का मंत्र दिया.
संगठन सृजन अभियान बना रणनीति की रीढ़
पचमढ़ी का यह शिविर कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की दिशा तय करने वाला साबित हुआ. राहुल गांधी ने कहा कि इस अभियान के ज़रिए बूथ से लेकर जिला स्तर तक पार्टी की पकड़ मज़बूत की जाएगी. उन्होंने कहा “एसी कमरों से बाहर निकलो, जनता के बीच जाओ, उनकी तकलीफ समझो. कांग्रेस तभी लौटेगी जब जनता के बीच भरोसा लौटेगा.” बैठक में कार्यकर्ताओं को यह भी समझाया गया कि संगठन की रीढ़ बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता हैं. इसलिए हर ब्लॉक, हर मतदान केंद्र पर संवाद और समन्वय बढ़ाना अनिवार्य है.
गुटबाजी पर खुली चर्चा, एकजुटता पर ज़ोर
बैठक के दौरान कांग्रेस में गुटबाजी की समस्या पर खुलकर चर्चा हुई. राहुल गांधी ने कहा कि जब तक आपस में खींचतान रहेगी, संगठन मजबूत नहीं हो सकता. उन्होंने जिला अध्यक्षों को संदेश दिया कि व्यक्तिगत मतभेदों को भूलकर एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करना होगा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी कहा कि आने वाले वर्षों में पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक मजबूती और आंतरिक एकजुटता है. उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों से कहा कि 2028 को लक्ष्य बनाकर आज से ही रणनीति लागू करनी होगी.
SIR और मतदाता सूची पर फोकस
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की आशंका है. इसलिए ज़िला अध्यक्षों को इस पर विशेष निगरानी रखनी होगी ताकि किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटाया जाए.
‘पारिवारिक जुड़ाव’ की मिसाल
शिविर का माहौल केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी रहा. 1998 में यहीं सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुए चिंतन शिविर को याद करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस का असली बल उसका परिवार जैसा संगठन है. इस बार शिविर में जिला अध्यक्षों के परिवार भी मौजूद रहे. पारंपरिक भोजन और अनौपचारिक बातचीत के दौरान नेताओं में आत्मीयता देखने को मिली. राहुल गांधी का यह दौरा 2026 के निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव, दोनों के लिए यह ‘मिशन पचमढ़ी’ कांग्रेस के लिए सबसे अहम माना जा रहा है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें
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