छतरपुर शहर के छत्रसाल चौराहे स्थित मेला ग्राउंड में कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद एक प्रदर्शनी लगाई जा रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर शनिवार को स्थानीय व्यापारी एकजुट होकर मेला ग्राउंड पहुंचे और प्रदर्शनी लगा रहे कर्मचारियों से बहस की। व्यापारियों ने
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नगर पालिका परिषद ने संजय चौरसिया (निवासी शेखनपुरा महोबा, उत्तर प्रदेश) को 10 नवंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक मेला लगाने की अनुमति दी थी। हालांकि, व्यापारियों के विरोध के बाद नगर पालिका ने 15 सितंबर 2025 को यह आदेश रद्द कर दिया था।
इसके बाद संजय चौरसिया ने कोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया, जिसकी अगली सुनवाई अगले सोमवार को होनी है। लेकिन सुनवाई से पहले ही उन्होंने मेला ग्राउंड में प्रदर्शनी का काम शुरू कर दिया। एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं और उन्होंने मेला लगाने की कोई अनुमति नहीं दी है। उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वहीं, नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा ने पुष्टि की कि नगर पालिका ने परमिशन रद्द कर दी थी, जिसके बाद आयोजक ने कोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त किया है। व्यापारियों ने ठेकेदार से मिलकर शहर के लोगों पर दलाली करने के आरोप लगाए।
धर्म गुप्ता ने बताया कि मेला ग्राउंड में लगने वाली ऐसी प्रदर्शनियों से छोटे दुकानदार बहुत परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे साल मेला लगाया जाता है, जिसमें बाहर से आने वाले व्यापारी सस्ते और खराब गुणवत्ता वाले सामान बेचकर चले जाते हैं, जिससे ग्राहक भ्रमित होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से उनकी दुकानदारी पूरी तरह ठप है। धर्म गुप्ता ने यह भी बताया कि वे पहले कलेक्टर, नगर पालिका सीएमओ और एसडीएम को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मेला लगाया जा रहा है।
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