स्किन की ड्राइनेस से चाहिए मुक्ति, तो दो बूंद देसी घी से मिलेगा छुटकारा

सहारनपुर: ठंड की शुरुआत हो चुकी है और ठंड की शुरुआत होने के साथ-साथ अब व्यक्ति के शरीर का टेंपरेचर भी बदलेगा, जिससे उसके हाथ, पांव और शरीर की त्वचा रूखी होने के साथ फटने लगेगी. ऐसे में लोग कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन आज हम आपको सर्दियों में फटने वाले हाथ, पांव और होंठ का ऐसा देसी नुस्खा बताने जा रहे हैं जिसका इस्तेमाल करने से आपको हमेशा इन समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा. जैसे-जैसे तापमान घटेगा वैसे-वैसे हमारी शरीर की त्वचा की नमी कम होगी और हाइड्रेशन घटेगा. इसको घटने से रोकने और त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदु होता है हमारे पेट की नाभि, जिससे सभी नाड़ियां जुड़ी हुई होती हैं और पूरे शरीर को पोषण देता है. तो हमें सर्दी के समय में उस नाभि का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

नाभि में देसी तेल या फिर देसी घी जरूर लगाना चाहिए

सर्दी के समय में हमें अपनी नाभि में देसी तेल या फिर देसी घी जरूर लगाना चाहिए, जिससे कि हमारी त्वचा में नमी बनी रहे और जब त्वचा में नमी बनी रहेगी तो त्वचा फटेगी नहीं. इसके साथ ही कुछ लोग त्वचा के ऊपर दूध की मलाई, मॉइश्चराइजर, वैसलीन इन चीजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन नाभि इस समस्या का परमानेंट सॉल्यूशन है.

सुबह-शाम 2 बूंद और शरीर से हाइड्रेशन की समस्या होगी खत्म

आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बी.ए.एम.एस, एम.डी डॉक्टर हर्ष ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि बच्चों के गाल और हाथ-पांव फटना अक्सर सर्दियों में देखने को मिलता है. ऐसे लोगों के लिए मैं बताना चाहूंगा कि जिन बच्चों के होंठ फटते हैं, गाल फटते हैं वो देसी घी या वैसलीन अपने गालों या होठों पर लगा सकते हैं. इससे उनको काफी अच्छा लाभ मिलता है. इसके साथ ही एलोवेरा जेल अपने हाथों व पैरों पर लगा सकते हैं.

नाभि हमारे शरीर की सभी नाड़ियों का मूल है

अगर आप इसका रेगुलर सॉल्यूशन चाहते हैं, तो देसी घी को अगर नाभि में लगना शुरू करें और रेगुलर लगाएं, क्योंकि नाभि हमारे शरीर की सभी नाड़ियों का मूल है. जब हम जड़ को पोषण देते हैं तो पूरे पौधे को पोषण मिलता है जब हम अपनी नाभि में तेल या घी डालते हैं, तो वह हमारे शरीर की सभी नाड़ियों को पोषण देता है जिससे हमारे शरीर में डिहाइड्रेशन नहीं हो पाता. तो मैं यही सलाह दूंगा सर्दियां आ गई है अपनी नाभि का पोषण रेगुलरली करें और त्वचा संबंधी रोगों से बचे रहें.

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