जरूरत की खबर- सर्दियों में फटते हाथ-पैर, रूखी होती त्वचा: हेल्दी स्किन के लिए खाएं ये चीजें, स्किन मॉश्चराइज करने की घरेलू टिप्स

कुछ ही क्षण पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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सर्दियों में ज्यादातर लोगों को स्किन प्रॉब्लम्स होती हैं। कभी ड्राईनेस होती है, कभी स्किन फट जाती है। ठंडी और सूखी हवा में नमी बहुत कम होती है, जिससे स्किन का मॉश्चर जल्दी सूख जाता है।

इस मौसम में स्किन का नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन भी घट जाता है, जिससे स्किन का प्रोटेक्टिव बैरियर कमजोर पड़ जाता है। खासकर हाथ, पैर और होंठ जैसे हिस्से सबसे पहले प्रभावित होते हैं, क्योंकि ये लगातार ठंड और हवा के संपर्क में रहते हैं।

हालांकि थोड़ी सी सावधानी और सही स्किन केयर रूटीन से इस समस्या से बचा जा सकता है। गुनगुने पानी से नहाने, मॉश्चराइजर लगाने, हाइड्रेटेड रहने और पौष्टिक भोजन करने से स्किन को सर्द हवाओं के असर से बचाया जा सकता है। इससे स्किन मुलायम और हेल्दी बनी रहती है।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में सर्दियों में होने वाली स्किन प्रॉब्लम्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • किस मौसम का स्किन पर क्या असर होता है?
  • सर्दियों में स्किन क्यों फटती है?
  • प्राकृतिक तरीके से स्किन कैसे मॉश्चराइज करें?

एक्सपर्ट: डॉ. प्रियंका अग्रवाल, कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजिस्ट, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम

सवाल: अलग-अलग मौसम हमारी स्किन को कैसे प्रभावित करता है?

जवाब: हमारी स्किन मौसम के हिसाब से बदलती परिस्थितियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है।

  • गर्म और नमी वाले मौसम में शरीर से पसीना और तेल दोनों ज्यादा निकलते हैं। ऐसे में स्किन पर ऑयल और बैक्टीरिया जमा होने से पिंपल्स, फंगल इन्फेक्शन या हीट रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से स्किन एजिंग और झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं।
  • वहीं ठंडे और सूखे मौसम में हवा में नमी बहुत कम होती है। इससे स्किन की ऊपरी परत का मॉश्चर तुरंत सूख जाता है। इससे स्किन ड्राई और खुरदुरी होकर फटने लगती है। अगर घर में हीटर चलता है या बहुत गर्म पानी से नहा रहे हैं, तो यह ड्राइनेस और बढ़ जाती है।

सवाल: सर्दियों में स्किन ज्यादा ड्राई क्यों होती है?

जवाब: सर्दियों में हवा में ह्यूमिडिटी यानी नमी कम हो जाती है, जिसके कारण स्किन की नमी जल्दी सूख जाती है। बाहर ठंडी हवा और अंदर हीटर की गर्मी दोनों मिलकर स्किन की नमी खत्म कर देते हैं।

इस दौरान स्किन की नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन की क्षमता भी घट जाती है, जिससे स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर कमजोर हो जाती है। अगर आप गर्म पानी से नहाते हैं या पर्याप्त पानी नहीं पीते तो ड्राइनेस और बढ़ जाती है। इसका असर सबसे पहले चेहरे, हाथों और पैरों की स्किन पर दिखता है, क्योंकि ये शरीर के सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड हिस्से होते हैं।

सवाल: सबसे पहले हाथ-पैर की स्किन क्यों फटती है?

जवाब: हाथ और पैर की स्किन बाकी हिस्सों की तुलना में मोटी होती है और इसमें ऑयल ग्लैंड्स बहुत कम होती हैं। सर्दियों में जब नमी घटती है, तो इन हिस्सों की हल्की-फुल्की नमी तेजी से खत्म हो जाती है। ब्लड सर्कुलेशन भी यहां धीमा होता है, जिससे त्वचा खुद को धीरे रिपेयर कर पाती है। चूंकि हाथ और पैर हमेशा हवा, पानी और धूल के संपर्क में रहते हैं। इससे इनकी बाहरी परत जल्दी डैमेज होती है और स्किन फटने लगती है। कुल-मिलाकर इसके 3 मुख्य कारण हैं-

  • स्किन स्ट्रक्चर
  • लो ब्लड सर्कुलेशन
  • डायरेक्ट एक्सपोजर

सवाल: क्या स्किन का ज्यादा या कम फटना स्किन टाइप पर निर्भर करता है?

जवाब: हां, जिनकी स्किन नेचुरली ड्राई होती है, उनकी स्किन में तेल की मात्रा कम होने के कारण यह जल्दी फटने लगती है। ऑयली स्किन वालों के लिए नेचुरल सीबम एक प्रोटेक्शन लेयर बनाता है, जिससे स्किन देर तक मॉश्चराइज्ड बनी रहती है। सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को ठंड, साबुन और हवा के कारण जल्दी रैशेज या क्रैकिंग होती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने, डायबिटीज होने और हॉर्मोनल बदलावों से भी स्किन की नमी घट सकती है।

सवाल: ड्राइनेस से बचने के लिए क्या करें?

जवाब: बहुत ज्यादा ठंडे या बहुत गर्म पानी की बजाय गुनगुने पानी से नहाएं और शरीर पोछकर तुरंत मॉश्चराइजर लगाएं ताकि पानी लॉक हो सके। रोजाना पर्याप्त पानी पिएं, क्योंकि शरीर में अंदर से हाइड्रेशन जरूरी है। सर्दियों में घर के भीतर ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें ताकि हवा में नमी बनी रहे। नहाने में बहुत ज्यादा कास्टिक वाले साबुन न इस्तेमाल करें।

ओमेगा-3 और विटामिन E से भरपूर बादाम, मूंगफली और अलसी खाएं। ये स्किन को अंदर से पोषण देते हैं। कपड़े भी मुलायम और कॉटन वाले पहनें ताकि स्किन पर बहुत रगड़ न लगे।

सवाल: ये मिथ है या सच्चाई कि ज्यादा गर्म पानी से नहाने पर भी स्किन ज्यादा फटती है?

जवाब: यह सच्चाई है। बहुत गर्म पानी स्किन की नेचुरल ऑयल लेयर को हटा देता है। इससे स्किन का बैरियर कमजोर होता है और नमी जल्दी खत्म होती है, जिससे ड्राइनेस और क्रैकिंग बढ़ जाती है।

सवाल: डाइट का स्किन पर क्या असर पड़ता है?

जवाब: स्किन हेल्थ पर डाइट का सीधा असर होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे मछली, अलसी, अखरोट स्किन में तेल का संतुलन बनाए रखते हैं। विटामिन E के सोर्स बादाम, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज स्किन को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाते हैं।

विटामिन A से भरपूर फूड्स गाजर, पालक स्किन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करते हैं। साथ ही पर्याप्त पानी पीने से स्किन में हाइड्रेशन बना रहता है। असंतुलित या प्रोसेस्ड डाइट स्किन की नेचुरल ग्लो कम कर देती है और ड्राइनेस बढ़ाती है। हेल्दी स्किन के लिए क्या खाना चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

सवाल: क्या बार-बार हैंडवॉश करने या सैनिटाइजर यूज करने से भी ड्राईनेस बढ़ती है?

जवाब: हां, बार-बार हैंडवॉश या अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर यूज करने से स्किन का नेचुरल ऑयल और माइक्रोबायोम दोनों खत्म हो जाते हैं। इससे स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर कमजोर होती है और नमी खत्म हो जाती है। इसलिए हाथों में रूखापन, खुजली और कभी-कभी छोटे क्रैक्स दिखने लगते हैं। अगर हाथ धोने की जरूरत ज्यादा हो, तो तुरंत बाद मॉश्चराइजर या हैंड क्रीम लगाएं। इसके लिए सॉफ्ट, फ्रेगरेंस-फ्री साबुन का इस्तेमाल करें ताकि स्किन को और नुकसान न हो।

सवाल: स्किन केयर रूटीन में दिन और रात की अलग-अलग केयर कैसे करें?

जवाब: दिन में हल्का मॉश्चराइजर लगाएं, जो हाइड्रेशन देगा। सनस्क्रीन लगाएं, यह सूरज की किरणों और फ्री रेडिकल्स से बचाती है। बाहर निकलने से पहले चेहरे को साफ रखें और लिप बाम यूज करें।

रात में स्किन की रिपेयर का समय होता है। इसलिए नाइट केयर में हैवी क्रीम या फेस ऑयल लगाएं। यह स्किन में नमी को लॉक करता है और डैमेज स्किन को रिपेयर करता है।

स्किन को घरेलू तरीकों से मॉश्चराइज करने के उपाय ग्राफिक में देखिए-

सवाल: किन मामलों में मेडिकल अटेंशन की जरूरत होती है?

जवाब: अगर स्किन में लगातार खुजली है या लाल धब्बे पड़ रहे हैं। स्किन में पड़े क्रैक्स से खून या पस निकल रहा है तो यह सिर्फ ड्राईनेस नहीं बल्कि एक्जिमा या फंगल इंफेक्शन हो सकता है। स्किन पीलिंग या जलन लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। कभी-कभी इन लक्षणों के पीछे डायबिटीज या हार्मोनल समस्या भी होती है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखने पर इग्नोर न करें।

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