गोपीचंद हिंदुजा: 40 साल पहले दी टाटा मोटर्स को उसकी सबसे बड़ी राइवल, खत्म कंपनी में फूंकी जान

Last Updated:

आज हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिदुंजा का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वैसे तो उन्होंने 2023 में ही कंपनी की कमान संभाली, लेकिन उनका सबसे बड़ा काम आज से करीब 40 साल पहले माना जाता है. जब उन्होंन अशोक लीलैंड के अधिग्रहण को लीड किया और कंपनी को अपने कंट्रोल में लेकर उसे नया जन्म दिया.

गोपीचंद हिंदुजा (PTI)

नई दिल्ली. हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद पी हिंदुजा का 4 नवंबर 2025 को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उन्होंने लंदन में अपनी आखिरी सांस ली. गोपीचंद हिंदुजा 2 साल पहले 2023 में कंपनी के चेयरमैन बने थे. लेकिन उन्होंने नाम आज से करीब 40 साल पहले ही कमा लिया था. जब उन्होंने एक मरती हुई कंपनी में जान फूंक दी थी. 1987 में जब ब्रिटिश कंपनी ‘अशोक लीलैंड’ (Ashok Leyland) भारत से बाहर निकलने की तैयारी कर रही थी, तब ये कंपनी लगभग डूबने की कगार पर थी. फैक्ट्री के पुराने इंजन, धीमी प्रोडक्शन स्पीड और घटती बिक्री ने कंपनी की हालत खराब कर दी थी. उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यही कंपनी एक दिन भारत की दूसरी सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल निर्माता बन जाएगी. लेकिन गोपीचंद हिंदुजा (Gopichand Hinduja) ने जो देखा, वो किसी और की नजर में नहीं था.

1987 में ब्रिटिश लीलैंड (British Leyland) भारत से निकलना चाह रही थी. अशोक लीलैंड की फैक्ट्रियों में सिर्फ पुराने इंजन (1948 मॉडल) चलते थे, प्रोडक्शन सालाना मुश्किल से 3,000–4,000 गाड़ियों का था और घाटा लगातार बढ़ रहा था. मार्केट में टाटा का दबदबा था, जबकि लीलैंड सिर्फ दक्षिण भारत तक सिमटी हुई थी. इसी समय गोपीचंद हिंदुजा ने कंपनी का 26% हिस्सा खरीदकर इसकी डोर अपने हाथों में ली और यही से शुरू हुआ “अशोक लीलैंड का पुनर्जन्म.”

गोपीचंद की 5-स्टैप मास्टर स्ट्रैटेजी

  • तुरंत निवेश और बैलेंस शीट क्लीनिंग- 1987 से 1990 के बीच ₹100 करोड़ से ज्यादा का पूंजी निवेश किया गया. मशीनें बदलीं, प्लांट्स को मॉडर्नाइज किया गया (एन्नोर और होसूर) और कर्ज घटाया गया. इससे कंपनी की नींव मजबूत हुई.
  • टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप- इवको (Iveco) के साथ- इवको (फिएट) के साथ जॉइंट वेंचर किया गया, जिससे ‘H-Series’ इंजन 1990 में लॉन्च हुआ. यह इंजन कम ईंधन में ज्यादा पावर देता था. 1997 में भारत की पहली CNG बस भी अशोक लीलैंड ने बनाई.
  • प्रोडक्शन में 10 गुना बढ़ोतरी- 1987 में जहां सिर्फ 4,000 गाड़ियां बनती थीं, वहीं 1995 में यह संख्या 40,000 और 2007 में 1 लाख से ज्यादा हो गई. नई फैक्ट्रियां अलवर, पंतनगर और भंडारा में खोली गईं.
  • भारत से दुनिया तक विस्तार- लीलैंड ने श्रीलंका, बांग्लादेश और मध्य पूर्व में गाड़ियां निर्यात करना शुरू किया. आज कंपनी 50 से ज्यादा देशों में मौजूद है. यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बस कंपनी और दसवीं सबसे बड़ी ट्रक कंपनी बन चुकी है.
  • इनोवेशन और ईवी रिवॉल्यूशन- 2016 में कंपनी ने पहली इलेक्ट्रिक बस (Circuit) लॉन्च की. 2020 में AVTR प्लेटफॉर्म के तहत भारत का पहला मॉड्यूलर ट्रक बनाया गया. 2024 में LNG ट्रक लॉन्च हुए और 2040 तक नेट-जीरो कार्बन का लक्ष्य तय किया गया.

गोपीचंद के 3 मंत्र

  • टेक्नोलॉजी ही भविष्य है- हर 5 साल में नया इंजन और नई तकनीक लाना जरूरी है.
  • भारत को ग्लोबल बनाओ- निर्यात बढ़ाना, विदेशी साझेदारियां और आउटसोर्सिंग प्लांट खोलना.
  • कर्मचारी = परिवार- हर वर्कर को ट्रेनिंग और सुरक्षा देना, लॉन्ग-टर्म जॉब्स बनाना.

उनका सबसे बड़ा कदम था 2007 में इवको का 30% हिस्सा खरीदकर कंपनी पर पूरा नियंत्रण लेना. इससे कंपनी का असली ट्रांसफॉर्मेशन पूरा हुआ.

आज का अशोक लीलैंड- गोपीचंद हिंदुजा की विरासत

आज अशोक लीलैंड भारत में टाटा के बाद दूसरी सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल निर्माता है. कंपनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बस निर्माता और भारत की ईवी लीडर मानी जाती है. देश में 1,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और भारतीय सेना को अब तक 50,000 से अधिक वाहन सप्लाई किए जा चुके हैं. गोपीचंद हिंदुजा कहते थे, “अशोक लीलैंड को बचाना नहीं था, बनाना था. हमने सिर्फ पैसा नहीं, सपना डाला.”

Jai Thakur

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homebusiness

गोपीचंद हिंदुजा: 40 साल पहले दी टाटा मोटर्स को उसकी सबसे बड़ी राइवल

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *