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Success Story : ग्रो देश का सबसे ज्यादा (1.19 करोड़) एक्टिव यूजर्स वाला प्लेटफॉर्म है, जिसकी अनुमानित वैल्यू 70 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है. इस सफलता के पीछे को-फाउंडर व सीईओ ललित केशरे की बड़ी भूमिका है.
नई दिल्ली. कहते हैं, जब तक कोई मुश्किल सामने नहीं आती, तब तक बड़ा आइडिया जन्म नहीं लेता. ऐसा ही हुआ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के एक किसान के बेटे के साथ. शेयर मार्केट में निवेश की जटिल प्रक्रिया से परेशान होकर उन्होंने सोचा क्यों न इसे आसान बनाया जाए? और इसी सोच ने जन्म दिया उस कंपनी को, जिसकी आज वैल्यू करीब 70 हजार करोड़ रुपए है. हम बात कर रहे हैं ललित केशरे. केशरे ब्रोकरेज फर्म ‘ग्रो’ के को-फाउंडर हैं. ‘Groww’ की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेंस गैरेज वेंचर्स लिमिटेड मंगलवार को 6,632 करोड़ रुपए का आईपीओ ला रही है.
ग्रो देश का सबसे ज्यादा (1.19 करोड़) एक्टिव यूजर्स वाला प्लेटफॉर्म है, जिसकी अनुमानित वैल्यू 70 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है. इस सफलता के पीछे को-फाउंडर व सीईओ ललित केशरे की बड़ी भूमिका है. ललित केसरे ने हर्ष जैन, नीरज सिंह और ईशान बंसल के साथ मिलकर ग्रो की नींव रखी थी. ललित का पहला स्टार्टअप फेल हुआ था और उनके सिर कर्ज चढ गया था. इस कर्ज को उन्होंने फ्लिपकार्ट में नौकरी कर चुकता किया था.
ऐसे आया आइडिया
शेयर खरीदने के लिए की जाने वाली कागजी औपचारिकताओं और लंबी प्रक्रिया ने उन्हें हैरान कर दिया. तब उन्होंने सोचा, अगर एक इंजीनियरिंग पढ़ा-लिखा व्यक्ति शेयर खरीदने में इतनी दिक्कत महसूस कर सकता है तो आम आदमी के लिए यह कितना मुश्किल होगा. यहीं से उनके दिमाग में निवेश को आसान बनाने का आइडिया आया, जो आगे चलकर ‘Groww’ के रूप में आकार लिया. यह एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसने करोड़ों भारतीयों के लिए निवेश को कुछ क्लिक तक सीमित कर दिया.
पहला स्टार्टअप हुआ फेल
ललित का जन्म मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में हुआ. वे पढाई में होशियार थे और बिना किसी कोचिंग के JEE क्रैक किया और IIT बॉम्बे में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया. कॉलेज के बाद कुछ साल नौकरी की और फिर साल 2011 में पहला स्टार्टअप ‘Eduflix’ शुरू किया. उस समय इंटरनेट महंगा और सीमित था, इसलिए वे पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड में कोर्स मटेरियल बेचते थे. हालांकि यह स्टार्टअप असफल रहा, लेकिन हार मानने वालों में ललित नहीं थे. उन्होंने फ्लिपकार्ट में नौकरी की और ‘Eduflix’ के सभी निवेशकों के पैसे लौटाए.
2016 में रखी ग्रो की नींव
2016 में फ्लिपकार्ट में मैनेजर रहते हुए ललित को अपने बिजनेस आइडिया के लिए भरोसेमंदसाथी की जरूरत थी. एक दिन प्रोडक्ट मैनेजर जॉब के लिए पहुंचे हर्ष जैन का इंटरव्यू लिया. वह उनका पुराना दोस्त था, जिसे वह लंबे समय से जानते थे. उन्होंने हर्ष को स्टार्टअप के लिए मनाया. इसके बाद नीरज सिंह और ईशान बंसल भी टीम का हिस्सा बने. इसी टीम ने मिलकर ‘Groww’ की शुरुआत की. एक ऐसा निवेश प्लेटफॉर्म, जिसने आज 1.19 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स के साथ भारत का नंबर-1 ऑनलाइन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म बनने का खिताब हासिल किया है.
26 हजार करोड़ नेटवर्थ
आज ललित केशरे की अनुमानित नेटवर्थ 26 हजार करोड़ रुपए है. उनकी कंपनी Groww का आईपीओ (IPO) अब निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है, जिसकी कुल वैल्यू 6,632 करोड़ रुपए है. उन्हें हाल ही में टाइम मैगजीन की ‘100 नेक्स्ट 25’ लिस्ट में भी शामिल किया गया है. आज भी ललित केशरे अपने प्लेटफॉर्म पर आने वाली ग्राहकों की शिकायतें खुद देखते हैं. उनका मानना है कि जब तक ग्राहक की तकलीफ खुद महसूस न हो, तब तक सही समाधान नहीं मिल सकता. यही ग्राहक-केन्द्रित सोच Groww की सबसे बड़ी ताकत है.
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