ब्रेन डेड एडवोकेट की स्किन से बचेगी और 5 जिंदगियां: इंदौर में 50 ग्राम त्वचा निकालकर डॉक्टर ने दिखाई तो भावुक हो उठे परिजन – Indore News

डोनेट की गई स्किन को दिखाते एक्सपर्ट संदीपन आर्य।

इंदौर में हाईकोर्ट एडवोकेट अभिजीता राठौर को लंग्स में इन्फेक्शन के चलते ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके अंग डोनेट किए गए।

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उनकी दोनों किडनियां और लिवर इंदौर में ही 3 मरीजों को ट्रांसप्लांट कर दिए गए। ये तीनों मरीज काफी गंभीर थे और और अब लंबी जिंदगी जिएंगे।

सबसे खास यह है कि अभिजीता की स्किन भी 5 से ज्यादा झुलसे लोगों को नई जिंदगी देगी। अस्पताल में उनकी स्किन और कार्निया वहां मौजूद लोगों को विशेष मेडिकल पारदर्शी बॉक्स और बोतल में बताई गई। साथ ही उसका महत्व और प्रोसेस समझाई गई। यह नजारा जज्बातों से भरा था। उनकी स्किन देखकर परिजन भावुक हो उठे।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सबसे पहले अभिजीता के लिवर और किडनियों को भेजा गया। आखिरी में स्किन चोइथराम स्किन बैंक के लिए रवाना की गई।

इस दौरान मुस्कान ग्रुप के सेवादार और एक्सपर्ट संदीपन आर्य ने स्किन का स्पेशल मेडिकल बॉक्स हाथ में लेकर बताया कि यह स्किन दिखने में 50 ग्राम है लेकिन यह अनमोल है।

बता दें, 25 अक्टूबर को लंग्स में इन्फेक्शन के चलते 38 वर्षीय अभिजीता को अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उनके ब्रेन में ब्लड क्लॉट (खून जमना) हो गया, जिसके चलते डॉक्टरों ने शनिवार को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

तीन तरह से मरीजों को मिलेगा फायदा सेवादार जीतू बगानी ने बताया कि डोनेट की गई स्किन मरीजों को 3 तरह से फायदा देती है। पहला घाव भरने में, दूसरा जले हुए हिस्से से निकल रहे पानी को बंद करने और मरीज की खुद की स्किन बनाने में।

अभिजीता की स्किन मरीजों को इस तरह से ऐसा नया जीवन देंगी। खास बात यह कि डोनेट की गई स्किन Glaomida (स्पेशल केमिकल) में 5 साल तक सुरक्षित रहती है। इससे 4 डिग्री तापमान में रखा जाता है।

अंधेरी जिंदगी में आंखें करेंगी उजियारा एक्सपर्ट संदीपन आर्य ने आंखों को लेकर बताया कि अभिजीता का कार्निया (आंख का बाहरी आवरण पारदर्शी झिल्ली) आंखों के मरीजों के काम आएगी।

जिन लोगों का कार्निया किसी कारणव‌‌श घिस गया है, दूषित हो जाता है या दिखना कम हो जाता है, इस तरह के मरीजों के काम आएगी।

इस दौरान लोगों ने इसे बारीकी से समझा। दरअसल उनके चेहरे के भाव ऐसे थे कि वे भी पुनीत काम करेंगे। इस मौके पर अभिजीता के पति प्रवीण, भाई अभिजीत सिंह सहित सभी रो पड़े।

पति ने कहा कि अभिजीता के इस दुनिया के जाने के बाद भी उसकी आंखें दूसरे के काम आकर दुनिया देखेगी, इससे बड़ा सुकून और क्या हो सकता है।

अंगदान के वक्त अस्पताल में मौजूद परिजन।

अंगदान के वक्त अस्पताल में मौजूद परिजन।

इंदौर के मरीजों को 72 घंटे और बाहर के मरीजों के लिए 15 दिनों के लिए रहेंगी सुरक्षित कार्निया दो प्रकार के रसायन में रखा जाता है। एक एमके मीडिया होता है इसमें कार्निया 72 घंटे सलामत रहता है। दूसरा रसायन कार्निया सोल होता है जो महंगा होता है। इसमें 15 दिनों तक कार्निया सुरक्षित रखा जा सकता है।

अभिजीता का कार्निया इसी रसायन में रखा गया है। यानी अभिजीता का कार्निया इंदौर के मरीजों को 72 घंटे में और अगर मरीज बाहर हैं तो 15 दिनों में उनकी अंधियारी जिंदगी में उजियारा करेगा।

अभिजीता को पति प्रवीण राठौर ने अंतिम बार मंगलसूत्र पहनाकर विदाई दी।

अभिजीता को पति प्रवीण राठौर ने अंतिम बार मंगलसूत्र पहनाकर विदाई दी।

स्किन डोनेशन में देश में दूसरे नंबर पर इंदौर इंदौर का स्किन बैंक देश में मुंबई के बाद दूसरे नंबर पर इंदौर लार्जेस्ट कलेक्शन सेंटर है। यहां बीते 10 सालों में 990 स्किन डोनेशन हो चुके हैं। यही कारण है कि यहां बाहर के लोग भी इलाज के लिए आते हैं।

इसके साथ ही यहां डोनेट की गई स्किन विदेशों के मरीज के इलाज के लिए भी एक्सपोर्ट की जाती है। इसमें लेने वाले और देने वाले की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। कार्निया मृत्यु के आठ घंटे के अंदर निकाला जाना जरूरी है।

अंगदान को लेकर यह भी जानिए

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अभिजीता को पति प्रवीण ने अंतिम बार मंगलसूत्र पहनाकर नम आंखों से विदाई दी।

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इंदौर में हाईकोर्ट की वकील अभिजीता राठौर (38) के ब्रेन डेड होने के बाद रविवार को उनका अंगदान किया गया। इसके लिए शहर में 65वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस दौरान उनका लिवर और दोनों किडनियां इंदौर के तीन अस्पतालों में ट्रांसप्लांट के लिए पहुंचाई गईं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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