Last Updated:
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाइयों पर अत्याचार पर आरोप लगाया था. उन्होंने इस देश में फैली कट्टरपंथी इस्लामवादी ताकतों पर भी कमेंट किया था. अब इस मामले पर नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने चुप्पी तोड़ी है.
एबूजा: नाइजीरिया में हिंसा का मामला बढ़ता जा रहा है. अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले इस देश पर धार्मिक असहिष्णुता और कट्टरवाद का आरोप लग रहा है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईसाइयों पर अत्याचार का मामला उठाते हुए कट्टरपंथी इस्लामवादियों को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने वादा किया था कि वो इस हिंसा के खिलाफ ठोस कदम उठाएंगे. वहीं, अब ट्रंप के आरोपों पर नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने प्रतिक्रिया दे दी है. उन्होंने कट्टरवाद के आरोपों पर नाराजगी तो जताई है लेकिन अमेरिका के साथ सहयोग के लिए हामी भर दी है.
Nigeria में फैली हिंसा पर क्या बोले?
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने इस मामले पर एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा है कि ‘नाइजीरिया धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी द्वारा शासित एक लोकतंत्र के रूप में दृढ़ता से खड़ा है. 2023 से, हमारा प्रशासन ईसाई और मुस्लिम नेताओं के साथ समान और सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है. हम विभिन्न धर्मों और क्षेत्रों के नागरिकों को प्रभावित करने वाली सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करना जारी रखा है’.
Trump के लांछन पर जवाब
उन्होंने ट्रंप के आरोपों पर जवाब देते हुए लिखा कि ‘नाइजीरिया को धार्मिक रूप से असहिष्णु बताना हमारी राष्ट्रीय वास्तविकता को नहीं दर्शाता है और न ही यह सभी नाइजीरियाई लोगों के लिए धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सरकार के निरंतर और ईमानदार प्रयासों को ध्यान में रखते हुए बोला गया है. धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता हमारी सामूहिक पहचान का मूल सिद्धांत रहे हैं और हमेशा रहेंगे. नाइजीरिया धार्मिक उत्पीड़न का विरोध करता है और इसे प्रोत्साहित नहीं करता है’.
Nigeria stands firmly as a democracy governed by constitutional guarantees of religious liberty.
Since 2023, our administration has maintained an open and active engagement with Christian and Muslim leaders alike and continues to address security challenges which affect… pic.twitter.com/mRb9IqKMFm
.