न महंगा इलाज.. ना डॉक्टर, मिनटों में गायब होगा जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द

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joint and muscle pain oil: अक्सर सर्दियों में जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द लोगों को परेशान करने लगता है. दर्द की वजह से लोग महंगे से महंगा इलाज करते हैं लेकिन फायदा नहीं होता है. वहींं केरल के रहने वाले अभि जॉन के द्वारा तैयार हर्बल पेन रिलीफ आयल इन दिनों चर्चा में है.

दिल्ली. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द लोगों को परेशान करने लगता है. ऐसे में मार्केट में कई तरह के तेल और मलहम तो मिलते हैं, लेकिन केरल के रहने वाले अभि जॉन का बनाया हुआ हर्बल पेन रिलीफ आयल इन दिनों चर्चा में है. इस तेल की खासियत है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक और घरेलू तरीके से बनाया गया है. हाल ही में दिल्ली में लगे सरस मेले में उन्होंने अपने तेल के बारे में बताया.

अभि जॉन बताते हैं कि यह तेल नारियल तेल और तिल के तेल को मिलाकर तैयार किया जाता है. इसमें करीब 11 से 12 तरह की जड़ी-बूटियों का उपयोग होता है, जिनमें कुरुंडोती, कारिंग कुरुनी, देवदारम और आवनका जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शामिल हैं. ये सभी हर्ब्स पारंपरिक तरीके से तेल में उबालकर मिलाई जाती हैं, जिससे इसकी औषधीय गुणों में और भी वृद्धि हो जाती है.

जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में असरदार
यह तेल खासतौर पर जोड़ों, मांसपेशियों, पीठ और पुराने दर्दो के लिए बनाया गया है. नियमित रूप से एक से दो हफ्ते तक इस्तेमाल करने पर फर्क महसूस होने लगता है. यह शरीर में हल्की गर्माहट पैदा करता है, जिससे खून का प्रवाह बेहतर होता है और दर्द धीरे-धीरे कम हो जाता है.

कैसे करें इस्तेमाल
इस तेल का इस्तेमाल बेहद आसान है. बस जिस हिस्से में दर्द है, वहां 10 मिनट तक हल्की मालिश करें और तेल को छोड़ दें. अगर दर्द ज्यादा है तो इसे रात में लगाकर सो जाएं और सुबह हल्के गुनगुने पानी से धो लें. अभिजॉन के अनुसार, तेल को कम से कम एक घंटे तक लगा रहने देना चाहिए, ताकि यह त्वचा के अंदर जाकर असर दिखा सके.

100% नेचुरल और केमिकल-फ्री फॉर्मूला
अभि जॉन बताते हैं कि इस तेल में कोई केमिकल या आर्टिफिशियल चीजें नहीं है. यह पूरी तरह से आयुर्वेदिक हर्ब्स और नेचुरल ऑयल्स से तैयार किया जाता है. यही वजह है कि यह बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत देने में मदद करता है.

केरल की परंपरा से जुड़ा घरेलू उपाय
अभि जॉन का कहना है कि यह नुस्खा उन्होंने अपने परिवार की पुरानी परंपरा से सीखा है. केरल में आज भी कई परिवार इस तरह के हर्बल तेल खुद बनाते हैं और दर्द या सूजन होने पर इस्तेमाल करते हैं. यह पारंपरिक आयुर्वेदिक कला पीढ़ियों से चली आ रही है और अब जॉन भी इसे आगे बढ़ा रहे है.

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें

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न महंगा इलाज.. ना डॉक्टर, मिनटों में गायब होगा जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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