World Breastfeeding Week 2025: कब और क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक? जानें इसका उद्देश्य

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Breastfeeding Awareness: वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग डे का उद्देश्य माताओं और शिशुओं को ब्रेस्टफीडिंग के महत्व के प्रति जागरूक करना है. छह महीने तक केवल ब्रेस्टफीड कराने से बच्चों की ग्रोथ बेहतर होती है और वे हेल्दी र…और पढ़ें

हर साल अगस्त के पहले वीक में ब्रेस्टफीडिंग सप्ताह मनाया जाता है.

हाइलाइट्स

  • विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में मनाया जाता है.
  • स्तनपान बच्चों को बीमारियों से बचाता है और माताओं का स्वास्थ्य सुधारता है.
  • 2025 की थीम: ‘स्तनपान को प्राथमिकता दें: स्थायी सहायता प्रणालियां बनाएं’.
World Breastfeeding Week 2025: ब्रेस्टफीडिंग मां और बच्चे दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. बच्चे के जन्म के बाद के छह महीने तक केवल ब्रेस्टफीडिंग करने की सलाह दी जाती है. ब्रेस्टफीडिंग बच्चों की वृद्धि और विकास के लिए बहुत जरूरी है. इसी कारण हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week) मनाया जाता है, ताकि लोगों को ब्रेस्टफीडिंग के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके. इस खास सप्ताह का उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना और उनके शारीरिक तथा मानसिक विकास को बढ़ावा देना है.

इस बार क्या है ब्रेस्टफीडिंग वीक की थीम

इस बार वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक की थीम है ‘स्तनपान को प्राथमिकता दें: स्थायी सहायता प्रणालियां बनाएं’. इसका मकसद माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है. यह थीम माताओं को स्तनपान के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा पर भी जोर देती है. WHO और यूनिसेफ के अनुसार स्तनपान बच्चों को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है. इसमें ऐसे पोषक तत्व और एंटीबॉडी होते हैं, जो बच्चों को दस्त और निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाते हैं. साथ ही यह माताओं में स्तन कैंसर, डिम्बग्रंथि कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी कम करता है.

इतने शिशुओं को ही मिल पाता है ब्रेस्ट मिल्क

आज के समय में दुनियाभर में केवल 48 प्रतिशत बच्चे छह महीने की उम्र तक पूरी तरह से स्तनपान कर पा रहे हैं. पिछले बारह वर्षों में यह संख्या 10 प्रतिशत बढ़ी है, जिससे लाखों बच्चों की जान बची है. फिर भी वर्ष 2025 तक 50 प्रतिशत बच्चों को पूरी तरह ब्रेस्टफीडिंग कराने का लक्ष्य हासिल करने के लिए और मेहनत की जरूरत है. यूनिसेफ के आंकड़ों के अनुसार स्तनपान की दर में सुधार से हर साल लगभग 8.2 लाख बच्चों की जान बचाई जा सकती है. आपातकालीन स्थितियों में भी ब्रेस्टफीडिंग बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और सुलभ पोषण का स्रोत होती है.

शिशु को बीमारियों से बचाता है ब्रेस्ट मिल्क

पहले की तुलना में आज दुनियाभर में लगभग 48 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ जीवन की अच्छी शुरुआत कर पा रहे हैं. जब माताओं को अपने शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए उचित सहायता मिलती है, तो इसका फायदा सभी को होता है. आंकड़ों से पता चलता है कि अगर स्तनपान की दरों में सुधार किया जाए तो हर साल 8,20,000 से अधिक बच्चों की जान बचाई जा सकती है. शिशुओं के शुरुआती विकास के इस महत्वपूर्ण दौर में, ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद एंटीबॉडीज उन्हें बीमारियों और मृत्यु से बचाते हैं.

इमरजेंसी में ब्रेस्टफीडिंग बेहद महत्वपूर्ण

यह बात खास तौर पर आपातकालीन स्थितियों में बहुत महत्वपूर्ण होती है, जब बच्चे के लिए सुरक्षित और पोषणयुक्त भोजन मिलना मुश्किल होता है. ब्रेस्टफीडिंग केवल शिशुओं और माताओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण और समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है. यह ना केवल बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करती है बल्कि समाज में स्वस्थ और खुशहाल जीवन की नींव भी मजबूत करती है. इसलिए विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ किया जाता है.

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें

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