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Dangers of Buying Breast Milk: अमेरिका में महिलाएं अपने सरप्लस ब्रेस्ट मिल्क को बेचकर हर महीने 1000 डॉलर कमा रही हैं. ब्रेस्ट मिल्क को इन्फेन्ट फॉर्मूला से बेहतर माना जाता है, लेकिन ब्रेस्ट मिल्क खरीदकर बच्चे क…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- अमेरिका में महिलाएं ब्रेस्ट मिल्क बेचकर 1000 डॉलर कमा रही हैं.
- FDA ब्रेस्ट मिल्क खरीदकर बच्चों को पिलाना रिस्की मानता है.
- ब्रेस्ट मिल्क में पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं.
अब तक तमाम रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि ब्रेस्ट मिल्क बेहद अनोखा होता है. इसमें जितने पोषक तत्व होते हैं, उसके 50 पर्सेंट भी पोषक तत्व किसी अन्य इन्फेन्ट फॉर्मूला में नहीं होते हैं. यह नेचुरल तरीके से बनता है और इसकी तरह दूध तैयार करने की कोशिश वैज्ञानिक दशकों से कर रहे हैं. सिर्फ यूएस ही नहीं, बल्कि कई देशों में ब्रेस्ट मिल्क को बेचने का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. हालांकि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ब्रेस्ट मिल्क खरीदकर बच्चे को पिलाना बेहद रिस्की मानता है. आज जानेंगे कि ब्रेस्ट मिल्क इतना खास क्यों होता है और FDA ब्रेस्ट मिल्क न खरीदने की सलाह क्यों देता है.
ब्रेस्ट मिल्क क्यों है इतना खास?
ब्रेस्ट मिल्क खरीदना क्यों है रिस्की?
यूएस एफडीए लोगों को ब्रेस्ट मिल्क खरीदकर बच्चों को पिलाने की सलाह नहीं देता है. बाजार या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ब्रेस्ट मिल्क खरीदना कई कारणों से रिस्की हो सकता है. मां के दूध के जरिए संक्रामक बीमारियां जैसे HIV, हेपेटाइटिस B और C के अलावा कुछ बैक्टीरियल इंफेक्शन शिशु में ट्रांसफर हो सकते हैं. अगर दूध देने वाली महिला की मेडिकल हिस्ट्री की पूरी जांच नहीं की गई हो, तो उसके ब्रेस्ट मिल्क को बच्चे को पिलाना बेहद खतरनाक हो सकता है. इसके अलावा अगर ब्रेस्ट मिल्क को सही तापमान और स्वच्छता के साथ स्टोर और ट्रांसपोर्ट करना भी बेहद जरूरी है. इसमें हल्की सी लापरवाही करने से ब्रेस्ट मिल्क में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो शिशु के लिए जानलेवा हो सकते हैं. कई बार दूध बेचने वाली महिलाएं ज्यादा दूध निकालने के लिए अनहेल्दी आदतें अपना सकती हैं, जिससे उनके दूध की क्वालिटी खराब हो सकती है. डॉक्टर की सलाह के बिना और बिना लैब टेस्टिंग के ऐसा दूध खरीदना शिशु के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें