Agency:एजेंसियां
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Hurricane Melissa: कैरेबियन समुद्र में इस समय हरीकेन मेलिसा ने तबाही मचा रखी है. इस भयानक तूफान के कारण हैती और जमैका में भयानक तबाही मची है. हैती में 25 लोग मारे गए हैं. वहीं जमैका में भी तबाही देखी जा रही है.
कैरेबियाई देशों हैती और जमैका पर इस वक्त भयंकर तबाही छाई हुई है. शक्तिशाली हरीकेन मेलिसा (Hurricane Melissa) ने इन दोनों देशों को गहरे संकट में डाल दिया है. लगातार भारी बारिश और तेज हवाओं से हैती के दक्षिणी हिस्से में कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है. नदियों का पानी शहरों और गांवों में घुस गया है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक जब बाढ़ का पानी अचानक बढ़ा, तब प्रभावित क्षेत्र में सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी का केवल एक अधिकारी मौजूद था. ऐसे में लोग खुद अपने दम पर घरों से बाहर निकलने और सुरक्षित जगह पहुंचने की कोशिश करते रहे.
250 किमी की स्पीड से टकराया तूफान
अमेरिकी नेशनल हरीकेन सेंटर के अनुसार, हरीकेन मेलिसा मंगलवार को जमैका से कैटेगरी-5 तूफान के रूप में टकराया था. यह सबसे गंभीर श्रेणी होती है, जो 250 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली हवाएं लेकर आती है. इस तूफान ने पूरे द्वीप की सड़कों, पुलों और घरों को तहस-नहस कर दिया है. कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.
तूफान ने आगे बढ़ते हुए सोमवार की सुबह क्यूबा में भी तबाही मचाई, जहां यह कैटेगरी-3 हरीकेन के रूप में पहुंचा. अधिकारियों ने बताया कि क्यूबा के कई हिस्सों में ‘काफी बड़ा नुकसान’ हुआ है. फिलहाल मेलिसा कमजोर होकर कैटेगरी-2 तूफान रह गया है, जिसकी रफ्तार करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा है. मौसम विभाग के अनुसार, अब यह क्यूबा और बहामास के बीच स्थित है और जल्द ही बहामास के लॉन्ग आइलैंड व क्रूक्ड आइलैंड के पास पहुंच सकता है.
हरीकेन से जमैका की अर्थव्यवस्था को भारी झटका
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, जमैका को इस तूफान से अब तक करीब 22 अरब डॉलर (करीब 1.83 लाख करोड़ रुपये) का आर्थिक नुकसान हो सकता है. यह आंकड़ा जमैका के सालाना GDP (20 अरब डॉलर) से भी ज्यादा है. मौसम विशेषज्ञ जोनाथन पोर्टर ने कहा, ‘यह दिखाता है कि जमैका के लोगों को आने वाले महीनों में कितनी बड़ी आर्थिक चुनौती झेलनी होगी.’ कृषि, पर्यटन और बिजली- जमैका की तीनों प्रमुख आर्थिक धाराएं इस तूफान से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई, बंदरगाह और हवाई अड्डे बंद हैं, और पर्यटन उद्योग फिलहाल ठप है.
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें
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