केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को सीहोर जिले के भैरूंदा में आयोजित जनजातीय पंचायत में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों की खुलकर पैरवी की। उन्होंने कहा- “किसी ने सरकार को चिट्ठी लिखी कि शिवराज सिं
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जनजातीय पंचायत में शिवराज ने आदिवासी महिलाओं से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके साथ पंगत में बैठकर भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी हितैषी है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं आदिवासी मामलों को लेकर संवेदनशील हैं।
भैरूंदा में आदिवासी परिवारों को हाल ही में दी गई जमीन खाली करने की नोटिस पर उन्होंने कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे। सुनिश्चित करेंगे कि आदिवासियों के साथ अन्याय न हो। बता दें कि दीवाली के दिन वन विभाग ने भैरूंदा के कई आदिवासी परिवारों को पट्टे की जमीन खाली करने का नोटिस दिया था।
इसके विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे। शिवराज ने कहा कि जिनकी पुराने कब्ज़े में पूरी ज़िंदगी बीत गई, ऐसे लोगों को दिवाली के दिन नोटिस देना गलत है।
शिवराज पर केस दर्ज करने के लिए 4 माह से घूम रही चिट्ठी 4 महीने पहले खिवनी अभयारण्य में 50 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए। पूर्व आईएफएस आजाद सिंह डबास ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी, केस दर्ज करने की मांग की। इसके बाद पीसीसीएफ ने जांच के आदेश दिए थे।
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