तुर्की की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने KAAN को अमेरिका के F-35 और रूस के Su-57 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की टक्कर देने के लिए तैयार किया है. KAAN ने फरवरी 2024 में अपनी पहली उड़ान भरी और सिर्फ 13 मिनट की इस उड़ान में ही साबित कर दिया कि यह आने वाले वक्त का आसमान का बादशाह बनने वाला है. इसके बाद मई 2024 में दूसरी सफल उड़ान ने इसे और मजबूत कर दिया.
यह F-35 और Su-57 को चुनौती दे रहा है. (फोटो Reuters)
दुश्मनों के लिए डर क्यों है KAAN?
KAAN का डिजाइन इसे इतना खतरनाक बनाता है कि दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगती. इसकी स्टील्थ क्षमता और सुपरक्रूज मोड इसे बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक उड़ान भरने में सक्षम बनाता है. यानी KAAN हवा में आते ही दुश्मन के फाइटर जेट्स और राडार को मात दे सकता है.
KAAN का भविष्य
KAAN का लक्ष्य है 2028 तक तुर्की एयरफोर्स में शामिल होना. इसके हथियारों की टेस्टिंग 2026 से शुरू होगी. कई देशों ने इस जेट में रुचि दिखाई है, जिनमें इंडोनेशिया, यूएई और पाकिस्तान जैसे नाम शामिल हैं. इंडोनेशिया ने तो 48 विमानों के लिए 10 अरब डॉलर का सौदा भी कर लिया है.
जब KAAN आसमान में 2222 KM/H की रफ्तार से गूंजता है, तो यह सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं बल्कि तुर्की की तकनीकी ताकत और भविष्य का प्रतीक बन जाता है. आने वाले वक्त में यह जेट हवा में वही भूमिका निभाएगा जो जमीनी युद्ध में टैंक निभाते हैं- तेज, शक्तिशाली और दुश्मन के लिए खौफ का दूसरा नाम.
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