इंजीनियरिंग की सिर-माथा पकड़ने वाली मिसाल, चमचमाती सड़क के बीच में ‘हैंडपंप’

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Sidhi News: ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं और अधिकारियों से इस गलती को सुधारने की मांग भी की लेकिन किसी ने इसपर ध्यान नहीं दिया. अब हालात यह हैं कि हर दिन इस जगह पर छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं. दोपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर इसमें गिर जाते हैं.

इस जगह पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं.

रिपोर्ट- हरीश द्विवेदी, सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले के डोल कोठार गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो प्रशासनिक लापरवाही और इंजीनियरिंग की हास्यास्पद कार्यप्रणाली को उजागर करता है. प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आदिवासी बस्ती में बनी पक्की पीसीसी सड़क के बीचोंबीच एक हैंडपंप नजर आ रहा है. यह हैंडपंप बरसों पहले सड़क किनारे लगाया गया था, जिससे आसपास के सैकड़ों आदिवासी परिवारों की प्यास बुझती थी लेकिन सड़क निर्माण के दौरान इस हैंडपंप को स्थानांतरित करने या हटाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई. परिणामस्वरूप ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना ध्यान दिए सड़क को उसी हैंडपंप के ऊपर से गुजार दिया, जिससे अब सड़क के बीचोंबीच खाईनुमा गड्ढा बन गया है, जिसमें यह हैंडपंप मौजूद है.

यह अजीबोगरीब स्थिति न केवल हास्यास्पद लगती है बल्कि लोगों की जान के लिए खतरा भी बन चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं और अधिकारियों से इस त्रुटि को सुधारने की मांग भी की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. अब हालत यह है कि हर दिन इस जगह पर छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं. दोपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर गिर जाते हैं, वहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जगह किसी जाल से कम नहीं. ग्रामीणों ने बताया कि यह हैंडपंप ही बस्ती का एकमात्र जलस्रोत है, जिसके सहारे सैकड़ों परिवार अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करते हैं. सड़क के बीच होने के कारण अब हैंडपंप तक पहुंचना भी खतरे से खाली नहीं है.
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल
सोशल मीडिया पर सड़क पर बने हैंडपंप की तस्वीरें वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. लोगों का कहना है कि जब प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, तब ऐसी गंभीर लापरवाहियां योजना की मंशा पर ही सवाल खड़ा करती हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस हैंडपंप को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा यह सड़क के बीच हैंडपंप सीधी की इंजीनियरिंग का काला धब्बा बनकर रह जाएगा.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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