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Common Mistakes That Lower Iron Levels: आयरन की कमी थकान, कमजोरी का कारण बनती है. गलत खानपान, चाय-कॉफी, पेट की समस्याएं और जंक फूड आयरन लेवल घटाते हैं. संतुलित डाइट और जांच जरूरी है.
Low Iron Levels In Body Causes : क्या आप अच्छी नींद लेने के बावजूद अक्सर थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस करते हैं? अगर हां, तो ये शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है. आयरन वो जरूरी मिनरल है जो शरीर में खून बनाता है और ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है. लेकिन हमारी कुछ रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें, जैसे गलत खानपान या चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन, इस कमी को बढ़ा देती हैं. जानिए वे 4 आम गलतियां जो अनजाने में आपके शरीर का आयरन लेवल घटा देती हैं और जिनसे बचकर आप एक्टिव और एनर्जेटिक रह सकते हैं.
आयरन से भरपूर भोजन न लेना-
हमारे खाने में आयरन की मात्रा बहुत मायने रखती है. आयरन दो प्रकार का होता है – हीम आयरन और नॉन-हीम आयरन. हीम आयरन मांस, मछली और अंडे जैसे नॉन-वेज फूड में पाया जाता है और शरीर इसे आसानी से अवशोषित कर लेता है. वहीं नॉन-हीम आयरन, जो पालक, दाल, राजमा और साबुत अनाज जैसे पौधों से मिलता है, उसे शरीर उतनी आसानी से नहीं सोख पाता. जो लोग वेजिटेरियन या वीगन डाइट लेते हैं, उनके शरीर में धीरे-धीरे आयरन की कमी हो सकती है. इसे ठीक करने के लिए विटामिन C से भरपूर फलों जैसे अमरूद, संतरा या नींबू के साथ आयरन युक्त भोजन लें, ताकि आयरन का अवशोषण बढ़ सके.
चाय और कॉफी का तुरंत सेवन करना-
अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीते हैं, तो यह भी आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है. दरअसल, इन पेयों में मौजूद टैनिन्स और पॉलीफिनॉल्स शरीर में आयरन से बंध जाते हैं और उसकी मात्रा कम कर देते हैं. कोशिश करें कि चाय या कॉफी खाने से कम से कम एक घंटे बाद ही पिएं. अगर आपको भोजन के बाद कुछ गर्म पीना है, तो हर्बल टी जैसे कैमोमाइल या पेपरमिंट चाय बेहतर विकल्प हैं.
पेट की समस्याओं को नजरअंदाज करना–
गैस्ट्राइटिस, सीलिएक रोग या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम जैसी पेट की समस्याएं भी आयरन की कमी का कारण बन सकती हैं. यहां तक कि लंबे समय तक एंटासिड या एसिडिटी की दवाएं लेने से भी पेट में एसिड कम हो जाता है, जो आयरन के अवशोषण के लिए जरूरी होता है. अगर आपको लगातार थकान, कब्ज या पेट फूलने की शिकायत रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर अपना हीमोग्लोबिन और फेरिटिन लेवल जरूर जांचें.
प्रोसेस्ड और जंक फूड पर निर्भर रहना-
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फास्ट फूड और प्रोसेस्ड आइटम पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं. ये पेट तो भर देते हैं, लेकिन शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. धीरे-धीरे शरीर में खनिजों की कमी होने लगती है और आयरन डेफिशिएंसी इसका परिणाम बन जाती है. इसे ठीक करने के लिए अपने भोजन में हरी सब्जियां, दालें, अंडे, मेवे और बीज शामिल करें. सफेद चावल की जगह मिलेट्स (बाजरा, ज्वार) खाएं और नाश्ते में भीगे किशमिश लेना शुरू करें.
आयरन लेवल सही रखने के आसान उपाय-
हर दिन के भोजन में एक आयरन-युक्त आइटम जरूर शामिल करें. कैफीन के सेवन का समय तय करें और समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराएं. कास्ट आयरन के बर्तनों में खाना पकाना भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे भोजन में थोड़ी मात्रा में आयरन शामिल हो जाता है. याद रखें, आयरन का सही अवशोषण तभी संभव है जब आपकी डाइट संतुलित हो और पेट स्वस्थ हो.
मैंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्रीम रिपोर्टर के तौर पर काम किया. हेल्थ, एजुकेशन, कला, सामाजिक मुद्दों जैसे विविध क्षेत्रों में रिप…और पढ़ें
मैंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्रीम रिपोर्टर के तौर पर काम किया. हेल्थ, एजुकेशन, कला, सामाजिक मुद्दों जैसे विविध क्षेत्रों में रिप… और पढ़ें