त्योहारों के बाद ऐसे करें अपनी बॉडी डिटॉक्स, अपनाएं ये 5 आसान और साइंटिफिक तरीके

त्योहार के बाद बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए सबसे पहले घर पर रखी मिठाइयां और स्नेक्स को बाहर कर दें. जितनी देर तक मिठाइयां और स्नेक्स घर के अंदर नजर आते हैं, उतनी ही आपको क्रेविंग होती रहेगी. ऐसे में अगर आपको मीठा खाने का मन हो तो किशमिश खजूर अंजीर या मौसमी फल जैसे नेचुरल स्वीट्स लें. इससे कैलोरी कम होगी और एनर्जी लेवल कंट्रोल में रहेगा.

त्योहारों में ज्यादा फैट और शुगर लेने से फाइबर की कमी हो जाती है, इसे बैलेंस करने के लिए हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, सीताफल, शकरकंद और सलाद को रोजाना के खाने में शामिल करें. इनके अलावा विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा, अमरूद, इम्युनिटी बढ़ाने का काम करते हैं और यह भी लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं.

त्योहारों में ज्यादा फैट और शुगर लेने से फाइबर की कमी हो जाती है, इसे बैलेंस करने के लिए हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, सीताफल, शकरकंद और सलाद को रोजाना के खाने में शामिल करें. इनके अलावा विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा, अमरूद, इम्युनिटी बढ़ाने का काम करते हैं और यह भी लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं.

सही मायने में शरीर डिटॉक्स तभी होता है, जब शरीर के हर सेल तक ऑक्सीजन पहुंचे. ऐसे में रोजाना 5 से 10 मिनट डीप ब्रीदिंग या प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है, हार्मोन बैलेंस होता है और मानसिक तनाव कम होता है. इसके अलावा ध्यान से क्रेविंग भी कंट्रोल होती है और गट हेल्थ भी सुधरता है.

सही मायने में शरीर डिटॉक्स तभी होता है, जब शरीर के हर सेल तक ऑक्सीजन पहुंचे. ऐसे में रोजाना 5 से 10 मिनट डीप ब्रीदिंग या प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है, हार्मोन बैलेंस होता है और मानसिक तनाव कम होता है. इसके अलावा ध्यान से क्रेविंग भी कंट्रोल होती है और गट हेल्थ भी सुधरता है.

त्योहारों में मीठा और तला हुआ खाना साथ में खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है. इसे कंट्रोल में रखने के लिए जब भी मीठा खाएं, उसके 15 मिनट बाद वॉक जरूर करें. खाने के बाद एक गिलास छाछ पीना भी पाचन में मदद करता है और ओवरईटिंग से बचाता है.

त्योहारों में मीठा और तला हुआ खाना साथ में खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है. इसे कंट्रोल में रखने के लिए जब भी मीठा खाएं, उसके 15 मिनट बाद वॉक जरूर करें. खाने के बाद एक गिलास छाछ पीना भी पाचन में मदद करता है और ओवरईटिंग से बचाता है.

फेस्टिव सीजन में देर रात तक जागना से भी नींद का रूटीन बिगड़ जाता है, लेकिन शरीर की हीलिंग और मेटाबॉलिज्म के लिए 7 से 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है. अच्छी नींद से हार्मोन बैलेंस होता है, एनर्जी वापस आती है और शरीर खुद को रिपेयर करता है.

फेस्टिव सीजन में देर रात तक जागना से भी नींद का रूटीन बिगड़ जाता है, लेकिन शरीर की हीलिंग और मेटाबॉलिज्म के लिए 7 से 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है. अच्छी नींद से हार्मोन बैलेंस होता है, एनर्जी वापस आती है और शरीर खुद को रिपेयर करता है.

Published at : 26 Oct 2025 09:04 AM (IST)

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