4 KM की रफ्तार वाले मेल‍िसा तूफान ने क्‍यों डराया? कई देशों में अलर्ट, साइंट‍िस्‍ट भी चाल देखकर हैरान

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एक तूफान 4 क‍िलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, लेकिन साइंटिस्‍ट टेंशन में हैं. कई देशों में अलर्ट जारी क‍िया गया है. क्‍योंक‍ि इसके खतरनाक हर‍िकेन 5 की स्‍पीड तक पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है.

जमैका के समंदर में इस समय तूफान काफी धीमी गत‍ि से बढ़ रहा है.

अब तक आपने सुना होगा क‍ि तूफान की रफ्तार ज‍ितनी ज्‍यादा, तबाही उतनी ज्‍यादा. लेकिन अब कैरिबियन सागर में एक तूफान ऐसा आया है जो न तो भाग रहा है, न ही जल्दी में है, बस धीरे-धीरे रेंग रहा है. ट्रॉपिकल स्टॉर्म मेलिसा की स्पीड महज 4 किलोमीटर प्रति घंटा है. लेकिन यही धीमापन इसे खतरनाक बना रहा है. क्‍योंक‍ि यह कई देशों को पानी में डूबो सकता है. इस वजह से कई मुल्‍क अलर्ट पर हैं. साइंटि‍स्‍ट भी इसकी चाल देखकर हैरान हैं. उनके मुताबिक, धीमी स्‍पीड की वजह से यह तूफान गर्म समुद्री जल को पी रहा है. इससे यह काफी भारी हो जाएगा और अगले कुछ द‍िनों में इसकी रफ्तार हर‍िकेन 4 या 5 कैटेगरी की हो जाएगी. यानी लगभग 150 से 251 की स्‍पीड हो सकती है. वैज्ञा‍न‍िक इसे ‘ट्रिपल थ्रेट’ बता रहे हैं, क्‍योंक‍ि तेज बारिश हो सकती है. तूफानी हवाएं चल सकती हैं और क‍ितनी तबाही होगी, इसका अनुमान लगाना मुश्क‍िल है.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल हरिकेन सेंटर (NHC) के अनुसार, सामान्य तूफान 16-19 किलोमीटर प्रत‍ि घंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं, लेकिन ये रेंग रहा है. क्यों? क्योंकि कमजोर स्टीयरिंग विंड्स और हाई विंड शीयर ने इसे रोक लिया. इसे होल्डिंग पैटर्न कहा जाता है. साइंट‍िस्‍ट के मुताबिक, क्‍लाइमेट चेंज की वजह से ऐसा होता है. ग्लोबल वॉर्मिंग से तूफान लंबे समय तक रुक जाते हैं, ऊर्जा सोखते हैं, और नुकसान दोगुना कर देते हैं.

इसका धीमापन इतना डरावना क्यों?

क्योंकि तूफान ऊपर से आने वाली नमी को जमीन पर निचोड़ रहा है, जैसे गीला स्पंज दबाओ तो पानी टपकता है. हैती पहले ही चपेट में है. हफ्ते भर में यहां कई लोगों की मौत हो चुकी है. पोर्ट ऑफ प्र‍िंस में लैंडस्‍लाइड हुई हैं. कई जगह फ्लैश फ्लड की स्‍थ‍ित‍ि है. पहाड़ी इलाकों में अभी से बड़े बड़े पत्‍थर टूटकर ग‍िर रहे हैं. तूफान की स्‍पीड हर‍िकेन 5 की हुई तो काफी नुकसान होने का अनुमान है. लाखों लोग सड़कों पर होंगे. हजारों घर तबाह हो सकते हैं. ईस्टर्न क्यूबा, साउदर्न बहामास समेत कई देश खतरे में हैं.

अगर कैटेगरी 5 बनी

वैज्ञान‍िकों को लगता है क‍ि अगर कैटेगरी 5 बनी, तो 1988 के गिल्बर्ट से कहीं ज्यादा तबाही होगी. हजारों घर उड़ जाएंगे. बिजली के खंभे साफ हो जाएंगे. हफ्तों तक बिजली कटौती होनी तय है. सड़कें और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर बर्बाद हो जाएंगे. जमैका से लेकर कई देशों में हर‍िकेन वॉर्निंग अलर्ट द‍िया गया है. एयरपोर्ट बंद कर द‍िए गए हैं. 650 से ज्‍यादा शेल्टर्स तैयार क‍िए गए हैं ताक‍ि कोस्‍टल एर‍िया से लोगों को निकाला जा सके.

Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

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4 KM की रफ्तार वाले मेल‍िसा तूफान ने क्‍यों डराया? कई देशों में अलर्ट

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