बैतूल के आमला थाना क्षेत्र के तोरणवाड़ा गांव में एक दिव्यांग अधेड़ ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। शव की पहचान मुंशी पिता मिश्री बिजवे (50) निवासी तोरणवाड़ा के रूप में हुई है।
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जानकारी के अनुसार, मुंशी बचपन से ही दोनों पैरों से दिव्यांग था और अविवाहित था। वह अपने बड़े भाई कलीराम के साथ रहता था। गुरुवार रात वह शराब पीकर घर लौटा और कुछ समय बाद उसे उल्टी होने लगी। परिजनों ने उसे तत्काल आमला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर बैतूल रेफर किया गया।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुंशी के भतीजे और पांढुरना में एक निजी बैंक में रिकवरी ऑफिसर अनिल बिज्वे के मुताबिक उनके चाचा बेहद अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे। दिव्यांग होने के कारण वे अक्सर परेशान रहते थे।यही वजह है कि वे शराब का भी सेवन करते थे। इसी दिक्कत की वजह से संभवतः उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
मृतक दो माताओं से चार भाई और दो बहनों में से एक था। बताया जाता है कि सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी है और मुंशी अकेला ही रह रहा था। उसने क्यों जहर खाया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में।मृतक का पीएम करवाया जा रहा है।