फावड़ा लेकर जंगल में पहुंचे ग्रामीण, शुरू कर दी 2km की खुदाई, वन विभाग ने कहा… कोई दिक्कन नहीं, जानें माजरा

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Jabalpur News: जबलपुर के ग्राम हुलकी समेत 10 से 12 गांव के आदिवासी ग्रामीणों ने श्रमदान कर वन विभाग की जमीन पर बिना खुदाई शुरू कर दी. जब वन विभाग को सूचना मिली तो अधिकारी मौके पर पहुंचे, पर…

Jabalpur News: जबलपुर के जहां ग्रामीण अंचल के आदिवासी इलाके में वर्षों से सड़क बनाने की मांग की जा रही है. लेकिन जब ग्रामीण नेताओं के सामने माथा टेकते-टेकते थक गए और कोई बात नहीं बनी, तब कई गांव के लोगों ने दिवाली में ही अपने घरों का काम छोड़ गेती, फावड़ा हाथ में लेकर सड़क बनाने का जिम्मा उठा लिया. अब 10 से 12 गांव के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मिलकर सड़क बनाने का काम कर रहे हैं.

दरअसल, बरगी विधानसभा स्थित ग्राम हुलकी के लोग सड़क को लेकर काफी परेशान हैं. काफी दिनों से आंदोलन भी किया जा रहा था. लेकिन, वन विभाग की जमीन फंसने के कारण सड़क नहीं बन पा रही थी. लिहाजा, ग्रामीणों ने श्रमदान का आह्वान किया और अब आदिवासी गांव की सभी महिलाएं और पुरुष वन क्षेत्र को नुकसान किए बिना सड़क बना रहे हैं. जहां काफी मशक्कत कर रास्ते में रोड़ा बन रहे बड़े-बड़े पत्थर भी हटाए जा रहे हैं.

2 किमी का जंगली रास्ता, चलने तक में होती थी दिक्कत 
ग्रामीण शिव प्रसाद मरकाम ने बताया 2 किलोमीटर का जंगली रास्ता है. जहां चलने तक में दिक्कत होती है. लिहाजा 40 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है. वन विभाग की जमीन होने के कारण कोई भी सुनवाई नहीं हो रही थी. पेंच फंस जाता था. इसके चलते ग्रामीणों ने एकजुट होकर फैसला लिया और कच्ची सड़क को आवागमन लायक बना रहे हैं. उन्होंने बताया कि 3 किलोमीटर की सड़क बनने के बाद 40 किलोमीटर का लंबा फेरा ग्रामीणों को नहीं लगाना होगा. बताया कि जबलपुर के छपरा से सिवनी के डेहका की दूरी 3 किमी है, अभी वहां जाने के लिए 40 किलोमीटर घूमना पड़ता है.

वन विभाग बोला; ग्रामीण नहीं पहुंचा रहे नुकसान
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद कनेक्टिविटी अच्छी हो जाएगी. स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं भी समय से मिलेगी. ईंधन की भी बचत होगी. किसान भाइयों को भी फायदा मिलेगा, वे मंडी तक आसानी से पहुंच जाएंगे. दूसरी तरफ वन विभाग के ASI सतीश का कहना है कि ग्रामीण श्रमदान करके सड़क बना रहे हैं. वन विभाग परिक्षेत्र में सड़क का कार्य सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है. इससे वन क्षेत्र में कोई भी नुकसान नहीं हो रहा है.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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फावड़ा लेकर जंगल में पहुंचे ग्रामीण, शुरू कर दी 2km की खुदाई, वन विभाग भी चुप!

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