World Spine Day 2025: युवाओं में क्यों कमजोर हो रही रीढ़ की हड्डियां? ऑफिस वालों को खतरा ज्यादा, डॉक्टर से जानें मजबूत करने के उपाय

World Spine Day 2025: दुनियाभर में हर साल 16 अक्टूबर को वर्ल्ड स्पाइन डे (World Spine Day) मनाया जाता है. इस दिन का मकसद लोगों को रीढ़ की हड्डी और पीठ की हेल्थ के प्रति जागरूक करना है. दरअसल, बदलती लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना और लगातार तनाव की वजह से आजकल पीठ और गर्दन दर्द आम समस्याओं में शामिल हो गया है. कभी यह परेशानी उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी. लेकिन, इस परेशानी से युवाओं को भी अपना शिकार बना लिया है. इस परेशानी को अक्सर लोग अनदेखा कर जाते हैं. लेकिन, आपको बता दें कि, शरीर का आधा भार अकेले रीढ़ की हड्डी सहती है. इसलिए इसका खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है. अब सवाल है कि आखिर युवाओं में रीढ़ की हड्डियां कमजोर क्यों हो रही हैं? ऑफिस वालों को इसका खतरा अधिक क्यों? इसकी मजबूती के लिए क्या करें? इस बारे में News18 को बता रही हैं एलएनजेपी हॉस्पिटल दिल्ली की पेन कंसल्टेंट डॉ. भुवना आहुआ-

ये आदतें युवाओं की रीढ़ को पहुंचा रहीं नुकसान

लगातार देर तक बैठना: ऑफिस में लगातार घंटों तक काम करने से भी रीढ़ की हड्डी को नुकसान हो सकता है. दरअसल, देर तक बैठने से डिस्क और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं. इसलिए कोशिश करें कि, काम के बीच में कुछ समय टहलें.

गलत पोस्चर: गलत पोश्चर भी हड्डी को नुकसान पहुंचा सकता है. दरअसल, झुककर बैठना या काम करना, खासकर लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल करते समय रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव डालता है. इसलिए पीठ सीधी करके बैठें और चलते समय अपनी बॉडी पॉस्चर का ध्यान रखें.

शारीरिक निष्क्रियता: दिनभर बैठे रहने और कोई एक्सरसाइज न करने से भी रीढ़ की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं. बता दें कि, शरीरिक निष्क्रियता से कमर दर्द और स्टिफनेस की समस्या हो सकती है. इसलिए रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग करें.

घंटों मोबाइल-लैपटॉप में झुके रहना: मोबाइल या लैपटॉप को नीचे रखकर देखने की आदत से गर्दन पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिसे ‘टेक्स्ट नेक’ कहा जाता है. यह धीरे-धीरे रीढ़ की शेप बिगाड़ सकता है. इसलिए मोबाइल को आंखों की सीध में रखें और बार-बार गर्दन सीधी रखें.

धूम्रपान-शराब का अधिक सेवन: युवाओं में रीढ़ की हड्डी कमजोर के सबसे बड़े कारण में धूम्रपान और शराब है. ये दोनों ही हड्डियों तक रक्त संचार को कम करते हैं और कैल्शियम के अवशोषण को प्रभावित करते हैं.

तनाव: ज्यादा तनाव से भी आपकी मांसपेशियां शिथिल हो सकती हैं. ऐसा होने से रीढ़ पर दबाव बढ़ जाता है. इसके अलावा, गलत तकिए या गद्दे पर सोने से भी पीठ दर्द हो सकता है. अच्छी नींद के लिए सही तकिए और गद्दे का इस्तेमाल करें.

रीढ़ को हड्डी मजबूत करने के उपाय

इस परेशानी से बचाव के लिए जीवनभर हेल्दी आदतें अपनाना जरूरी है. इसके लिए संतुलित आहार लें. भोजन में पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन करें. जैसे डेयरी उत्पाद, हरी सब्जियां, फैटी मछली और फोर्टिफाइड फूड्स आदि. नियमित व्यायाम करें. वॉकिंग, रनिंग, डांसिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. हमेशा वजन को कंट्रोल रखें. हालांकि, बहुत कम वजन भी नहीं होना चाहिए. अल्कोहल का सेवन भी सीमित करें. अगर आपकी हड्डियों कमजोर है तो डॉक्टर से जरूर दिखाएं.

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