Health Tips: यूरिक एसिड की समस्या से परेशान? इस जड़ी-बूटी से होगा कंट्रोल, एक्सपर्ट भी मानते है कमाल

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Giloy Ke Fayde: आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में बढ़ते यूरिक एसिड के कारण जोड़ों में दर्द, सूजन और किडनी स्टोन जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. आयुर्वेद में गिलोय को इस समस्या का प्राकृतिक और असरदार इलाज माना जाता है. जानिए इसके इस्तेमाल का तरीका.

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Giloy Ke Fayde: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपने छोटे-छोटे दर्द और तकलीफों को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यही हल्के-फुल्के दर्द समय के साथ गंभीर समस्याओं में बदल सकते हैं. इन दर्दों का सबसे बड़ा कारण शरीर में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड होता है. जब यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो यह जोड़ों में सूजन, दर्द और कठोरता जैसी परेशानियां पैदा कर देता है. कई बार यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि गठिया और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है.

आमतौर पर लोग इस समस्या से राहत पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसका प्राकृतिक और असरदार समाधान मौजूद है.

गिलोय कैसे देती है राहत जानिए
लोकल 18 से बातचीत के दौरान डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि आयुर्वेद में गिलोय को अमृत कहा गया है, क्योंकि इसमें अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं. गिलोय शरीर से टॉक्सिन्स निकालने का काम करती है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है. यह यूरिक एसिड को नैचुरल तरीके से नियंत्रित करती है. गिलोय में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में सूजन को कम करते हैं और रक्त को शुद्ध रखते हैं.

गिलोय शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाकर यूरिक एसिड का स्तर सामान्य करने में मदद करती है. नियमित सेवन से जोड़ों का दर्द और सूजन कम होती है. इसके अलावा यह किडनी को डिटॉक्स करती है और यूरिक एसिड क्रिस्टल बनने से रोकती है. गिलोय के सेवन से ब्लड प्यूरिफिकेशन होता है और शरीर में टॉक्सिन्स के जमा होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है.

गिलोय का सेवन कैसे करें
गिलोय का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है. सबसे आसान तरीका है – ताज़ा गिलोय की डंडी को उबालकर काढ़ा बनाना. इसे रोजाना सुबह खाली पेट पीना फायदेमंद रहता है. इसके अलावा गिलोय पाउडर को गर्म पानी या शहद में मिलाकर लिया जा सकता है. बाजार में गिलोय जूस भी उपलब्ध है, जिसे रोजाना एक छोटे गिलास में लेना लाभकारी होता है.

गिलोय क्यों है असरदार
गिलोय में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में प्यूरीन के ब्रेकडाउन को नियंत्रित करते हैं. प्यूरीन का ब्रेकडाउन ही यूरिक एसिड को बढ़ाता है. गिलोय इस प्रक्रिया को संतुलित करके यूरिक एसिड की मात्रा को कंट्रोल में रखती है. इसके अलावा यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर जोड़ों में दर्द और सूजन से राहत देती है.

गिलोय को अपने दैनिक आहार में शामिल करके आप यूरिक एसिड से जुड़ी समस्याओं और जोड़ों के दर्द को नैचुरल तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं.

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें

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यूरिक एसिड की समस्या से परेशान? इस जड़ी-बूटी से होगा कंट्रोल

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