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Health tips : कभी बुजुर्गों की बीमारी माने जाने वाला ये दर्द युवाओं को भी अपनी चपेट में लेने लगा है. देर रात तक जागना, सुबह देर से उठना और पूरा दिन मोबाइल चलाना, शरीर में लचीलापन खत्म करने लगता है. ये स्थिति खतरनाक है. इससे जवानी तो खराब होगी ही, बुढ़ापा बीमारियों का घर बन जाएगा. कुछ जरूरी टिप्स फॉलो करके इससे बच सकते हैं.
Arthritis treatment home remedies/गाजियाबाद. कभी बुजुर्गों की बीमारी माने जाने वाला आर्थराइटिस (जोड़ों का दर्द) अब युवाओं को भी अपनी चपेट में लेने लगा है. डॉक्टरों का कहना है कि 30 से 40 साल की उम्र के लोग भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं. लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और फास्ट फूड की आदत इसके मुख्य कारण हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते जीवनशैली में सुधार न किया गया तो आने वाले समय में यह बीमारी युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले जोड़ों में दर्द की समस्या उम्र बढ़ने पर होती थी लेकिन अब यह लाइफस्टाइल की गड़बड़ी का नतीजा बन चुकी है. युवा वर्ग देर रात तक जागता है, सुबह देर से उठता है और पूरा दिन मोबाइल या लैपटॉप पर झुके रहने में बीता देता है. ऐसे में शरीर में लचीलापन खत्म होने लगता है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं.
गाजियाबाद के चिकित्सक डॉ. आरके पोद्दार बताते हैं कि आज के युवा अपनी सेहत को लेकर बेहद लापरवाह हो गए हैं. युवाओं में आलस और गलत दिनचर्या के कारण जोड़ों का दर्द बढ़ता जा रहा है. देर रात तक मोबाइल चलाना, सुबह देर से उठना और घंटों तक ऑफिस में एक ही पोजीशन में बैठे रहना जोड़ों के लिए सबसे बड़ी दुश्मन आदतें हैं. इससे शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और हड्डियों पर दबाव बढ़ता है. डॉ. पोद्दार बताते हैं कि युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है जो आर्थराइटिस और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों की जड़ है. आजकल युवा वर्ग फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा सेवन करता है, जिससे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता. बर्गर, पिज्जा, मोमोज और चाउमीन जैसी चीजें स्वादिष्ट जरूर होती हैं लेकिन ये हड्डियों और जोड़ों को कमजोर कर देती हैं.
करना होगा ये काम
डॉ. आरके पोद्दार बताते हैं कि इन आदतों से बचने के लिए युवाओं को अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना चाहिए. हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम एक घंटे व्यायाम करना चाहिए. सुबह के समय 20 मिनट तेज दौड़ लगाएं, 20 मिनट प्राणायाम करें और बाकी समय स्ट्रेचिंग या योगासन करें. इससे शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और मानसिक तनाव भी कम होता है. ऑफिस के दौरान लगातार बैठने की आदत छोड़ें. हर दो घंटे में कुछ मिनट चलें या शरीर को स्ट्रेच करें, इससे जोड़ों में जकड़न नहीं होगी और ऊर्जा बनी रहेगी.
इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. पोद्दार ने खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी. डाइट हेल्दी होनी चाहिए. घी-तेल और अधिक चिकनाई वाली चीजों से परहेज करें. हरी सब्जियां, मौसमी फल और दूध को अपने आहार में शामिल करें. इनमें मौजूद आयरन और विटामिन शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. आर्थराइटिस से बचाव किसी दवा से नहीं बल्कि संतुलित जीवनशैली से संभव है. अगर युवा आज से ही अपनी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करें जैसे रोजाना टहलना, फास्ट फूड कम करना और पर्याप्त नींद लेना तो जोड़ों से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है.
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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