सुहागा….सिर्फ खाना नहीं, तन-मन और स्वास्थ्य का सुपरबूस्टर, जानें इसके फायदे

Last Updated:

कभी सोचा है कि जो “सुहागा” आपकी रसोई में रखा है. वह केवल खाना पकाने के काम नहीं आता, बल्कि एक बहुमूल्य आयुर्वेदिक औषधि भी है. हां, वही सुहागा जिसे संस्कृत में “टनक” कहा गया है और जो तिब्बत व फारस की झीलों से निकलकर हमारे शरीर को भीतर से शुद्ध करता है. आयुर्वेद में इसे बोरेक्स या टंकण भस्म कहा गया है. यह शरीर, त्वचा, बाल, हृदय और महिला स्वास्थ्य के लिए भी अमृत समान माना जाता है.

कभी सोचा है कि जो “सुहागा” आपकी रसोई में रखा है. वह केवल खाना पकाने के काम नहीं आता, बल्कि एक बहुमूल्य आयुर्वेदिक औषधि भी है. हां, वही सुहागा जिसे संस्कृत में “टनक” कहा गया है और जो तिब्बत व फारस की झीलों से निकलकर हमारे शरीर को भीतर से शुद्ध करता है. आयुर्वेद में इसे बोरेक्स या टंकण भस्म कहा गया है. यह शरीर, त्वचा, बाल, हृदय और महिला स्वास्थ्य के लिए भी अमृत समान माना जाता है.

लोकल 18

सुहागा में मौजूद सूजनरोधी गुण (Anti-inflammatory properties) शरीर की सूजन, दर्द और जकड़न को कम करने में मदद करते हैं. गठिया या पुराने दर्द की समस्या में इसका सेवन करने से आराम मिलता है.

लोकल 18

सुहागा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है और बुखार में राहत दिलाता है. इसे पानी या दूध के साथ 5 मिनट उबालकर पीने से तेज बुखार में भी जल्दी आराम मिलता है.

लोकल 18

सुहागा खून में कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखता है. यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स को बढ़ाता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है.

लोकल 18

आयुर्वेद में सुहागा को उष्ण प्रकृति वाला माना गया है. यह पाचन अग्नि को बढ़ाता है और गैस, अपच व पेट फूलना जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है.

लोकल 18

नारियल तेल में मिलाकर सिर पर लगाने से सुहागा डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या में राहत देता है. वहीं, त्वचा पर लगाने से मुंहासे, फुंसियां और संक्रमण दूर करने में मदद मिलती है.

लोकल 18

सुहागा एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक (diuretic) है. यह PCOS में ओव्यूलेशन और मासिक धर्म को नियमित करने में सहायक है और UTI संक्रमण से भी बचाव करता है.

लोकल 18

सुहागा के कफनिस्सारक गुण फेफड़ों में जमा बलगम को पिघलाकर बाहर निकालने में मदद करते हैं. ब्रोंकाइटिस और पुरानी खांसी में “टंकण भस्म और शीतोपलादि चूर्ण” का सेवन बहुत लाभकारी माना जाता है.

लोकल 18

टंकण भस्म के ऐंठनरोधी गुण मासिक धर्म के दर्द और भारी थक्कों को कम करने में सहायक होते हैं. प्रवाल पिष्टी, अशोक चूर्ण और चंद्रप्रभा वटी के साथ लेने पर इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है.

लोकल 18

सरसों या नारियल तेल में सुहागा मिलाकर सिर पर लगाने से रूसी और खुजली की समस्या दूर हो जाती है.

लोकल 18

सुहागा के दुष्प्रभाव (Precautions) के लिए आयुर्वेद में कहा गया है, “अति सर्वत्र वर्जयेत्”, यानी किसी भी चीज़ की अधिकता हानिकारक होती है.

लोकल 18

अत्यधिक सेवन से उल्टी, मिचली या पेट दर्द हो सकता है. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए. पुरुषों को 2 महीने से अधिक लगातार लेने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शुक्राणु की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है. अधिक उपयोग से हड्डियों की मजबूती भी घट सकती है.

लोकल 18

सेवन विधि (Usage Method): सामान्यतः “टंकण भस्म” के रूप में 125mg – 250mg तक की मात्रा पर्याप्त मानी जाती है. इसे शहद, घी या गर्म पानी के साथ मिलाकर लिया जाता है. (कृपया सेवन से पहले किसी आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह जरूर लें). 

लोकल 18

सुहागा केवल एक खनिज नहीं, बल्कि यह प्रकृति का ऐसा उपहार है जो पाचन, त्वचा, जोड़ों और सांस की समस्याओं का एक साथ समाधान प्रदान करता है. बस सही मात्रा और समय पर इसका सेवन करें, और पाएं स्वास्थ्य का खज़ाना.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

सुहागा….सिर्फ खाना नहीं, तन-मन और स्वास्थ्य का सुपरबूस्टर, जानें इसके फायदे

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *