गैस, दर्द, भारीपन, सूजन की सबसे तगड़ी दवा है हींग, फायेद गिनकर हो जाएंगे हैरान

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Health Tips: हींग को न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह पांचाल और योगाचार्य पुरुषार्थी पवन आर्य ने औषधि बताया है. हींग को नाभि में लगाने से पेट की समस्याओं में राहत और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

हींग (Asafoetida) भारतीय रसोई का एक अभिन्न हिस्सा है, जो खाने का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ाता है, लेकिन अब आयुर्वेद के विशेषज्ञ इसे सिर्फ मसाला नहीं, बल्कि औषधि के रूप में भी पहचान रहे हैं. हाल ही में न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह पांचाल ने एक पोस्ट में बताया कि नाभि में हींग लगाने से भी कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. खासकर पेट की समस्याओं से राहत मिलती है.

योगाचार्य पुरुषार्थी पवन आर्य ने लोकल18 को बताया कि अगर किसी को गैस, अपच या ब्लोटिंग की समस्या है, तो नाभि में हींग लगाने से राहत मिल सकती है. यह उपाय पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, पेट की सूजन कम करता है और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि यह एक प्राचीन आयुर्वेदिक नुस्खा है, जो अब फिर से लोकप्रिय हो रहा है.

योगाचार्य पुरुषार्थी पवन आर्य ने लोकल 18 को बताया कि अगर किसी को गैस, अपच या ब्लोटिंग की समस्या है, तो नाभि में हींग लगाने से राहत मिल सकती है. यह उपाय पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, पेट की सूजन कम करता है और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि यह एक प्राचीन आयुर्वेदिक नुस्खा है, जो अब फिर से लोकप्रिय हो रहा है.

आयुर्वेदिक दृष्टि से नाभि को शरीर का केंद्र बिंदु माना गया है. यहीं से हजारों नसें पूरे शरीर में फैलती हैं. इसलिए, नाभि में तेल या औषधि लगाने से उसका असर जल्दी पूरे शरीर में फैल जाता है. यही कारण है कि नाभि में हींग लगाने से इसके औषधीय गुण पूरे शरीर तक पहुंचते हैं.

आयुर्वेदिक दृष्टि से नाभि को शरीर का केंद्र बिंदु माना गया है. यहीं से हजारों नसें पूरे शरीर में फैलती हैं. इसलिए, नाभि में तेल या औषधि लगाने से उसका असर जल्दी पूरे शरीर में फैल जाता है. यही कारण है कि नाभि में हींग लगाने से इसके औषधीय गुण पूरे शरीर तक पहुंचते हैं.

हींग में एंटी-ब्लोटिंग, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यह पेट की गैस, दर्द, भारीपन और सूजन को कम करने में मदद करता है. यही नहीं, इसका नियमित उपयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है.

हींग में एंटी-ब्लोटिंग, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यह पेट की गैस, दर्द, भारीपन और सूजन को कम करने में मदद करता है. यही नहीं, इसका नियमित उपयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है.

हींग जिसे सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेद के मुताबिक, नियमित रूप से नाभि में हींग लगाने से पाचन शक्ति में सुधार होता है, मासिक धर्म के दौरान ऐंठन कम होती है और पेट की सूजन व दर्द से राहत मिलती है. इसके अलावा, पेट शांत रहने से नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है, जिससे व्यक्ति तरोताज़ा महसूस करता है.

हींग जिसे सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेद के मुताबिक, नियमित रूप से नाभि में हींग लगाने से पाचन शक्ति में सुधार होता है. मासिक धर्म के दौरान ऐंठन कम होती है और पेट की सूजन व दर्द से राहत मिलती है. इसके अलावा पेट शांत रहने से नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है, जिससे व्यक्ति तरोताजा महसूस करता है.

आगे कहा की आधा चम्मच हींग को एक चम्मच अरंडी के तेल में मिलाएं और थोड़ा गुनगुना कर लें. फिर इसे सोने से पहले नाभि और आसपास के हिस्से पर हल्के हाथों से मालिश करते हुए लगाएं. इसे रातभर लगा रहने दें और सुबह गुनगुने पानी से साफ करें. यह सरल उपाय घर पर ही आसानी से किया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि आधा चम्मच हींग को एक चम्मच अरंडी के तेल में मिलाएं और थोड़ा गुनगुना कर लें. फिर इसे सोने से पहले नाभि और आसपास के हिस्से पर हल्के हाथों से मालिश करते हुए लगाएं. इसे रातभर लगा रहने दें और सुबह गुनगुने पानी से साफ करें. यह सरल उपाय घर पर ही आसानी से किया जा सकता है.

अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें. हींग की मात्रा अधिक न लें, वरना जलन हो सकती है. गर्भवती महिलाएं इस उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श लें. साथ ही नाभि पर तेल या हींग लगाने से पहले उसे साफ करना जरूरी है.

अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें. हींग की मात्रा अधिक न लें, वरना जलन हो सकती है. गर्भवती महिलाएं इस उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श लें. साथ ही नाभि पर तेल या हींग लगाने से पहले उसे साफ करना जरूरी है.

हींग केवल मसाला नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक औषधि का रूप भी है. नाभि में इसे लगाने की यह पद्धति सदियों पुरानी है, जो अब आधुनिक युग में दोबारा लोकप्रिय हो रही है. अगर इसे सही तरीके से अपनाया जाए, तो यह न केवल पेट की बीमारियों को दूर कर सकती है, बल्कि शरीर को संतुलित और मन को शांत रखने में भी सहायक है.

हींग केवल मसाला नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक औषधि का रूप भी है. नाभि में इसे लगाने की यह पद्धति सदियों पुरानी है, जो अब आधुनिक युग में दोबारा लोकप्रिय हो रही है. अगर इसे सही तरीके से अपनाया जाए, तो यह न केवल पेट की बीमारियों को दूर कर सकती है, बल्कि शरीर को संतुलित और मन को शांत रखने में भी सहायक है.

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