‘सांस’ लेती धरती, उबलते झरने और खौलती झील…एक रात में कुदरत ने बदल दिया भूगोल, अंगारों पर बसी है ये दुनिया

Unique Places on Earth: जैसे आसमान के रहस्यों का अंत नहीं, वैसे ही धरती के कई राज हैं, जो हमारी समझ से परे हैं. नई घाटियां और जियोथर्मल क्षेत्र लाखों सालों में बनते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे, जहां धरती ने सिर्फ एक रात में ही भूगोल बदल दिया. न्यूजीलैंड में प्रकृति ने जो कुछ किया, वो विज्ञान और वैज्ञानिकों को भी चौंका देने वाला है. क्या कोई जगह धधकते अंगारों पर बस सकती है? तो इसका जवाब ये है कि अगर कुदरत चाहे तो कुछ भी हो सकता है.

10 जून, 1886 की रात को जब पूरा न्यूजीलैंड नींद में था, अचानक वहां धरती फटी और आसमान आग उगलने लगा. ये कोई मजाक की बात नहीं, वो भौगोलिक प्रक्रिया थी, जिसने कुछ ही घंटों में एक नई घाटी को जन्म दे दिया. इस घाटी का नाम वाइमंगू वोल्कैनिक रिफ्ट वैली था, जिसे काली घाटी भी कहा जाता है. यह आज भी धरती का सबसे ताजातरीन जियोथर्मल सिस्टम है.

भीषण विस्फोट ने बदले कुदरत के रंग

इस जगह की हर चट्टान, धुआं उड़ाती झील उस रात की कहानी कहती है जब पृथ्वी ने खुद को फिर से रचा था. इस घाटी का जन्म माउंट तारावेआ के भीषण विस्फोट से हुआ था, जिसने कई किलोमीटर तक धरती को चीर दिया. राख और लावा के बीच से जो नई भूमि निकली, उसने अगले कुछ वर्षों में एक ऐसा दृश्य रचा जो किसी साइंस फिक्शन से कम नहीं. जहां कभी घने जंगल थे, वहां अब गर्म पानी की झीलें, उबलते झरने और सल्फर से चमकती चट्टानें हैं.

एक से बढ़कर एक अजूबे

यहां वाइमंगू की सबसे अनोखी झील फ्राइंग पैन लेक है, जो दुनिया की सबसे बड़ी गर्म झील मानी जाती है. हमेशा भाप उगलती यह झील देखने में मानो किसी जादू का हिस्सा लगती है. वहीं इंफर्नो क्रेटर लेक, एक नीली झील है, जिसके पास जाकर लगता है कि ये सांस ले रही हो. हर कुछ हफ्तों में इसका जलस्तर खुद ही ऊपर-नीचे होता है, जैसे धरती का दिल धड़क रहा हो. वैज्ञानिक आज तक इसकी प्रक्रिया को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं. वहीं कैथेड्रल रॉक्स और एको क्रेटर, वो जगह है जहां कभी दुनिया का सबसे ऊंचा गीजर फूटा था, जिसने 400 मीटर ऊंचाई तक पानी फेंका था.

विनाश की निशानियां देखने आते हैं लोग

वाइमंगू वैली न्यूज़ीलैंड के रोटोरुआ शहर से मात्र 25 मिनट की दूरी पर है. यहां आने वाले पर्यटक धरती की धड़कन को महसूस करते हैं. सैकड़ों डिग्री गर्म भाप, सल्फर की गंध और चट्टानों से उठती रहस्यमयी ध्वनियां इस जगह को जिंदा बना देती हैं. यहां आप धरती को जीवित देखते हैं. ये किसी जैविक प्रयोगशाला की तरह है, जहां प्रकृति हर पल अपने रूप को गढ़ रही है. यह जगह बताती है कि विनाश भी कभी-कभी सृजन का पहला कदम होता है.

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