कमरे, टॉयलेट, किचन की दीवारों पर जम गई है काली फफूंद, इन 7 सस्ते टिप्स से करें साफ, सेहत भी नहीं बिगड़ेगी

How to remove black mold: बारिश के मौसम में दीवारों पर सीलन लगने के साथ ही हरे और काले रंग की फफूंदी (Black mold) या काई (moss) जम जाती है. ये नमी वाली जगहों जैसे बाथरूम, किचन, टॉयलेट की दीवारों पर भी नजर आने लगती है. इस काई और फफूंद के कारण न सिर्फ घर की अंदर-बाहर की दीवारें, टाइल्स, छत भद्दी नजर आने लगती हैं, बल्कि छत, फर्श पर काई, फफूंद से फिसल कर गिरने का भी रिस्क काफी बढ़ जाता है. इतना ही नहीं, काले रंग के फफूंद सेहत के लिए भी खतरनाक होते हैं. यह एलर्जी, इंफेक्शन, सिरदर्द, स्किन में खुजली, थकान, रेस्पिरेटरी और अस्थमा से संबंधित समस्याओं को ट्रिगर कर सकते हैं. इसे सिर्फ पानी से धोने से नहीं हटाया जा सकता है. नमी में ये अधिक पनपते हैं. ऐसे में आपको कुछ घरेलू उपायों को आजमाना होगा.

ब्लैक फफूंद को टॉयलेट और दीवारों से हटाने के उपाय (kala fafund hatane ka tarika)

-आपको कुछ ऐसे उपाय आजमाने होंगे जो इसे जड़ से हटाने के साथ ही दोबारा ना पनपने दे. इसके लिए आप सिरका लें. इसमें लगभग पांच प्रतिशत एसेटिक एसिड होता है, जो फफूंद को बढ़ने से रोकता है. इसे दीवारों पर स्प्रे कर सकते हैं.

टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, अमेरिका की इन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी के अनुसार, घर के अंदर पनप रहे काले फफूंद को कम करने का सबसे बेस्ट तरीका है नमी को कंट्रोल करना. यदि आप घर के अंदर के ह्यूमिडिटी को 50 प्रतिशत तक रखते हैं, दीवारों से होने वाले रिसाव को बंद करते हैं, घर के वेंटिलेशन को सही करते हैं तो काफी हद तक फफूंद के विकास और दोबारा होने की संभावनाओं को कम कर सकते हैं.

– काले रंग के फफूंद गीले, ह्यूमिड वातावरण में अधिक बनते हैं. सबसे जरूरी है घर में प्रॉपर वेंटिलेशन हो. हवा का बहाव सही से होता रहे. अधिक बारिश के दिनों में बाथरूम, टॉयलेट, किचन के एग्जॉस्ट फैन को ऑन करके रखें. दिन के समय खिड़कियों को खोलकर रखें. डीह्यूमिडिफायर्स का कमरे के अंदर इस्तेमाल करें.

– आप मार्केट से फफूंद हटाने वाले प्रोडक्ट्स खरीद कर भी इन्हें दीवारों से साफ कर सकते हैं. ये फफूंद के बीजाणु (Spores) को जड़ से खत्म करने में बेहद कारगर साबित हो सकते हैं. इनका इस्तेमाल करने के दौरान ग्लव्स, मास्क जरूर पहनें.

– आप चाहते हैं कि आपकी घर की दीवारें सही रहें, फफूंद के कारण खराब न हों तो पहले दीवारों से होने वाले रिसाव, गीलेपन को दूर करने की कोशिश करें. चेक करें कहीं कोई पाइप तो लीक नहीं कर रही है. कोई नल तो नहीं टपकता रहता है. दीवारों और छत पर पानी के कारण सीलन या नमी तो नजर नहीं आ रही है. लीकेज की छोटी समस्या भी नमी का कारण बनकर फफूंद को बढ़ने का मौका दे सकते हैं.

– घर में आप फफूंदी-रोधी पेंट और सीलेंट का इस्तेमाल करें. इस दीपावली आप घर को वॉइट वॉश करा रहे हैं तो फफूंद रोधी पेंट का जरूर उन जगहों पर इस्तेमाल करें जो अधिक गीले और नम रहते हैं. बेसमेंट, बाथरूम, किचन, टॉयलेट में इसका इस्तेमाल अधिक करें.

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