हार्ट के लिए वरदान है इस पेड़ की छाल, कोलेस्ट्रॉल, बीपी रखे कंट्रोल, हार्ट अटैक से भी बचाए, ऐसे करें सेवन

Arjuna bark has amazing health benefits: कई तरह के पेड़ होते हैं, जो आयुर्वेद में बेहद फायदेमंद बताए गए हैं. इनके छाल, पत्ते, तना से लेकर जड़ तक फायदेमंद होते हैं. ऐसा ही एक वृक्ष है अर्जुन का, जिसे आयुर्वेद में हार्ट डिजीज से बचाव और इलाज के लिए बेस्ट माना गया है. प्राचीन काल से अर्जुन के वृक्ष के तनों, छाल, जड़, पत्तों का इस्तेमाल कई रोगों के उपचार में किया जाता रहा है.  इसकी छाल को आयुर्वेदिक ग्रंथों में हृदय बल वर्धक और धमनियों को शुद्ध करने वाला बताया गया है. चलिए जानते हैं अर्जुन का वृक्ष किस तरह से सेहत को पहुंचाता है लाभ.

अर्जुन के वृक्ष के सेहत के लिए फायदे

-हार्ट डिजीज के मामले पिछले तीन-चार सालों में काफी बढ़े हैं. वही भी हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट से कम उम्र के लोगों की जान जा रही है. हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज, ब्लड सर्कुलेशन सही से न होना, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल आदि तमाम समस्याओं से लोग घिरे रहते हैं. ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि आपको हार्ट संबंधित कोई भी समस्या ना हो तो आप अर्जुन की छाल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

-नदियों के किनारे अधिक पाया जाता है अर्जुन का पेड़. इसकी छाल औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लावोनॉयड्स टैनिन्स, सैपोनिन्स होते हैं, जो हार्ट की मसल्स को मजबूत बनाते हैं. ब्लॉकेज को दूर करते हैं. ब्लड सर्कुलेशन को सही बनाए रखता है.

-अर्जुन छाल हृदय की कार्यक्षमता को बढ़ाती है. मांसपेशियों को मजबूत बनाती है. बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करती है. गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को बढ़ाती है. इससे धमनियों में चर्बी जमने से रोकती है. इसके नियमित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रख सकते हैं.

-हार्ट अटैक आने के बाद पेशेंट की जल्दी रिकवरी में भी मदद करती है ये छाल. वैज्ञानिक शोधों में पाया गया है कि अर्जुन का काढ़ा इकोकार्डियोग्राफी में हृदय की क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व हार्ट को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखते हैं.

कैसे करें अर्जुन की छाल का सेवन

-अर्जुन की छाल को आप कई तरह से इस्तेमाल में ला सकते हैं. आमतौर पर लोग इसका काढ़ा बनाकर पीते हैं. यह इसके सेवन का सबसे पुराना और प्रचलित तरीका है. काढ़ा बनाने के लिए 1 चम्मच सूखी छाल को 2 कप पानी में उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे सुबह खाली पेट पिएं. अर्जुन छाल का चूर्ण 1 से 3 ग्राम तक गुनगुने पानी या शहद के साथ सुबह-शाम ले सकते हैं. बाजार में अर्जुन की हर्बल टी और कैप्सूल्स भी उपलब्ध हैं, जो व्यस्त जीवनशैली में इसे सेवन करने का आसान विकल्प प्रदान करते हैं.

कौन लोग करें परहेज

एक बार में बहुत अधिक मात्रा में अर्जुन की छाल के सेवन से बचें. एक दिन में आधा या एक कप काढ़ा ही पिएं. बहुत सीमित मात्रा में इसका सेवन करने में ही फायदा है. अधिक मात्रा में पीने से ब्लड प्रेशर तेजी से कम हो सकता है. प्रेग्नेंट महिलाएं और दवाओं का सेवन कर रहे लोगों को आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए.

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