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देहरादून. हाल ही में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसमें महक क्रांति नीति लागू करने पर चर्चा हुई. इस नीति के तहत राज्य में एरोमेटिक प्लांट को बढ़ावा दिया जाएगा. इसी कड़ी में सुगंध पौध केंद्र कुंजा से शैम्पू (Kunja shampoo) बना रहा है.
राज्य में एरोमेटिक प्लांट को बढ़ावा देने और इन सुगंधित पौधों से किसानों को रोजगार देकर उनकी जिंदगी महकाने का फैसला लिया गया. पहाड़ों पर कुदरत के कई खजाने मौजूद होते हैं, इनमें खास तरह का पौधा है, जिसमें फंगल इंफेक्शन, डैंड्रफ जैसी परेशानियों को दूर करने और लंबे, घने बालों के लिए जरूरी तत्व पाए जाते हैं, और यह है कुंजा.

सेलाकुई स्थित सुगंध पौध केंद्र कुंजा की दो प्रजातियों को एरोमा फार्म में विकसित करने का काम कर रहा है, जिस पर रिसर्च भी की जा रही है. इसमें मौजूद जरूरी तत्व हेयर ग्रोथ को प्रमोट करते हैं. बालों के लिए उपयोगी गुणों के चलते इससे एंटी डैंड्रफ शैंपू और ऑयल भी तैयार किया जा रहा है.

कुंजा का वैज्ञानिक नाम आर्टीमीसिया वल्गेरिस है. चीन में इसे ‘मुगवर्ट’ कहा जाता है और इसका 1 लीटर तेल 1,000 से 1,200 रुपये प्रति लीटर के रेट पर बेचा जाता है.

सुगंध पौधा केंद्र के डॉ. नृपेंद्र चौहान ने बताया कि केंद्र उत्तराखंड के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले एरोमेटिक प्लांट पर रिसर्च कर किसानों को उनसे जोड़ने का प्रयास कर रहा है. बड़े पैमाने पर खेती करने वाले किसानों को जंगली जानवरों से काफी नुकसान झेलना पड़ता है, इसलिए ऐसे पौधों की खेती उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि इनमें फल नहीं लगते, जिनमें जानवर रुचि ले सकें.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद प्रदेश में एरोमा खेती को बढ़ाने और किसानों को इनसे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि संस्थान कई सगंध फसलों पर रिसर्च कर उनसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाने पर काम कर रहा है. इसी कड़ी में उन्होंने कुंजा की दो नई प्रजातियां तैयार की हैं, जिनके अच्छे नतीजे देखे गए हैं.

उन्होंने कहा कि कुंजा उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर प्राकृतिक रूप से उगता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगस सहित कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं. कुंजा के पत्ते, फूल और जड़ का उपयोग टॉनिक, एंटी-माइक्रोबियल, एंटीस्पास्मोडिक और सूजन रोधी दवाओं के रूप में किया जाता है. उन्होंने बताया कि कुंजा स्किन से जुड़ी बीमारियों, कीटों को भगाने और सुगंधित तेल बनाने में भी उपयोगी होता है.

उन्होंने बताया कि कुंजा से सुगंध पौध केंद्र एंटी-डैंड्रफ शैंपू और तेल तैयार कर रहा है. शैंपू का पेटेंट किया जाएगा और इसके बाद मार्केट में उतारा जाएगा. उन्होंने बताया कि हमारे बालों में कैंडिडा एल्बीकैंस जैसे फंगस डैंड्रफ पैदा करते हैं, वहीं कुंजा में पाए जाने वाले तत्व इन फंगस को निष्क्रिय कर देते हैं.