Last Updated:
मोरक्को में शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार की मांग से शुरू हुआ ‘GenZ 212’ आंदोलन हिंसक हो गया है. अगादिर के पास गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई. 263 पुलिसकर्मी और 23 नागरिक घायल हुए, 400 से ज्यादा गिरफ्तार हुए.
नेपाल में जेन-Z प्रदर्शन के बाद मोरक्को में भी युवाओं का आंदोलन देखने को मिल रहा है. ऑनलाइन ‘GenZ 212’ के बैनर तले शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है. शुरुआत में यह प्रदर्शन शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने की मांग से शुरू हुए थे, लेकिन अब ये आग की तरह पूरे देश में फैल गए हैं. बुधवार रात अगादिर के पास लकलिआ (Lqliaa) इलाके में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी.
कैसे शुरू हुआ आंदोलन?
यह आंदोलन ‘GenZ 212’ नामक युवा संगठन ने शुरू किया. यह संगठन TikTok, Instagram और Discord जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर युवाओं को जोड़ रहा है. पिछले एक हफ्ते में इसके ऑनलाइन ग्रुप के सदस्य 3,000 से बढ़कर 1.3 लाख हो गए. संगठन का कहना है कि उनकी लड़ाई सरकार से है, सुरक्षा बलों से नहीं. मंगलवार और बुधवार की रात हिंसा कई शहरों तक फैल गई.
पुलिस स्टेशन को लगाई गई आग
राजधानी रबात के पास साले (Sale) में युवाओं ने पुलिस पर पथराव किया, दुकानों और बैंकों में आग लगा दी. टंगियर, इनजगाने और ओज्दा जैसे शहरों में भी इसी तरह की हिंसा देखने को मिली. अगादिर के पास सीदी बीबी और बियुग्रा में सरकारी दफ्तरों और दुकानों को निशाना बनाया गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘लोग कैफे में बैठे फुटबॉल मैच देख रहे थे, तभी बाहर युवा पत्थर और आगजनी करने लगे.’ मारेकेश में भी एक पुलिस स्टेशन को जला दिया गया.
कितने लोग घायल और गिरफ्तार?
AFP की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने बताया कि, अब तक 263 पुलिसकर्मी और 23 नागरिक घायल हुए हैं. 409 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 193 पर मुकदमे चलेंगे. कई मामलों में आराक तत्वों पर आगजनी और हिंसा फैलाने के आरोप लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मोरक्को में युवाओं की नाराजगी की बड़ी वजह बेरोजगारी और खराब शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था है.
फीफा वर्ल्डकप बना नाराजगी की वजह
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यहां बेरोजगारी दर 12.8% है, जबकि युवा बेरोजगारी 35.8% तक पहुंच चुकी है. स्नातकों में यह दर 19% है. युवाओं का आरोप है कि सरकार 2030 फीफा वर्ल्ड कप की तैयारियों पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है, जबकि स्कूल और अस्पतालों की हालत बेहद खराब है. हालांकि सभी जगह प्रदर्शन हिंसक नहीं रहा. कई शहरों में प्रदर्शन शांत रहा
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें
.