फिर नए रिकॉर्ड पर सोना, पिछले 14 वर्षों के दौरान सितंबर में सबसे बड़ी उछाल, जानें क्या है वजह


Gold Price Hit Fresth Record: सोने की चमक दिनों-दिन तेज होती जा रही है. मंगलवार को इसके दाम एक बार फिर नए रिकॉर्ड पर पहुंच गए. इसके साथ ही पिछले 14 वर्षों के दौरान सितंबर महीने में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई. इसकी वजह अमेरिकी सरकार की संभावित शटडाउन और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को माना जा रहा है, जिससे सुरक्षित निवेश समझे जाने वाले सोने की मांग और बढ़ गई.

सोने में जबरदस्त उछाल

स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3842.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. सितंबर महीने में इंडियन बुलियन पर सोने का भाव 11.4 प्रतिशत बढ़ा. यानी 2011 के सितंबर महीने के बाद यह पहला महीना है जब सोने की कीमत इतनी तेजी से ऊपर चढ़ी है.

हाल में आए आर्थिक आंकड़ों के बाद यूएस फेड की तरफ से इस साल के आखिर तक एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. माना जा रहा है कि फेड की अगली बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की जा सकती है. सेंट लुइस फेडरल रिजर्व प्रेसिडेंट एल्बर्टो मुसालेम ने कहा कि वे ब्याज दरों में कटौती के लिए तैयार हैं, लेकिन मुद्रास्फीति के खिलाफ फेड को सतर्क रहना होगा.

क्यों चढ़ रहा सोने का भाव

सोने और चांदी में हाल में जिस तेजी को देखा गया है, उसके पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति है. इसके अलावा, भारत में त्योहारी सीजन भी सोने की मांग को बढ़ा रहा है. ट्रंप हाई टैरिफ और रुपये में गिरावट ने भी सोने और चांदी की कीमतों और मांग पर असर डाला है. जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, निवेशक सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सोने की तरफ आकर्षित होते हैं.

राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के दौरान भी लोग सोने की खरीदारी सबसे सुरक्षित और माकूल विकल्प मानते हैं, क्योंकि यह हर महंगाई के दौर में सबसे अधिक रिटर्न देने वाला निवेश साबित हुआ है. दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) एसपीडीआर ने कहा कि उसने अपने सोने के भंडार को सोमवार को 0.60 प्रतिशत बढ़ाकर 1,011.73 मीट्रिक टन कर दिया, जबकि शुक्रवार को यह 1,005.72 मीट्रिक टन था.

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