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Use Stick To Remove Weeds : छड़ी से खरपतवार हटाना एक पुराना लेकिन आज भी इस्तेमाली तरीका है. यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित, सस्ता और सरल उपाय है, जिसे कोई भी अपनाकर अपने खेत या बगीचे को बेहतर बना सकता है. मेहनत थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन नतीजे पूरी तरह संतोषजनक होते हैं.
छड़ी से खरपतवार हटाने के तरीकेUse Stick To Remove Weeds : खेती या बागवानी में खरपतवार हमेशा एक बड़ी परेशानी रही है. ये अनचाही घासें न सिर्फ पौधों से पोषक तत्व छीनती हैं, बल्कि मिट्टी की उपज भी घटा देती हैं. आज के दौर में जहां केमिकल का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, वहीं कुछ पुराने उपाय अब भी उतने ही कारगर साबित हो रहे हैं. उन्हीं में से एक है छड़ी से खरपतवार हटाना. यह तरीका न केवल पारंपरिक है, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण दोनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित भी है. खास बात ये है कि इसे अपनाने के लिए किसी खास मशीन या खर्च की ज़रूरत नहीं पड़ती. बस थोड़ी मेहनत और सही तरीका अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने खेत या बगीचे को साफ-सुथरा बना सकता है.
सबसे पहले बात करते हैं छड़ी के चुनाव की. इसके लिए आप लकड़ी या लोहे की एक मजबूत छड़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं. छड़ी की लंबाई ऐसी हो कि बिना झुके उसका इस्तेमाल किया जा सके. छड़ी के एक सिरे को थोड़ा नुकीला बनाएं ताकि वह आसानी से मिट्टी में घुस सके. बेहतर परिणाम के लिए आप चाहें तो सिरे को “एल” या “वी” आकार में भी मोड़ सकते हैं. इससे जड़ों को पकड़कर बाहर निकालना और भी सरल हो जाता है.
तरीका आसान है
खरपतवार हटाने की प्रक्रिया बहुत सीधी है. पहले उस जगह को देखें जहां खरपतवार उगे हैं. अब छड़ी को पास से मिट्टी में घुसाएं और धीरे-धीरे उसे जड़ के नीचे ले जाएं. थोड़ा सा दबाव डालकर खरपतवार को जड़ से ऊपर की ओर खींचें. कोशिश करें कि जड़ पूरी तरह बाहर आ जाए, ताकि वह दोबारा न उग सके. अगर मिट्टी बहुत सख्त है, तो पहले थोड़ा पानी डाल दें. इससे मिट्टी नरम हो जाएगी और जड़ निकालना आसान रहेगा.
सुरक्षा का भी रखें ध्यान
हालांकि यह एक सरल तरीका है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
छड़ी का सिरा नुकीला होता है, इसलिए इसे बच्चों से दूर रखें.
हर बार इस्तेमाल के बाद इसे साफ कर लें, जिससे जंग न लगे.
काम करते समय हाथों में दस्ताने पहनें ताकि किसी प्रकार की चोट न लगे.
फायदे अनेक
छड़ी से खरपतवार हटाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कोई भी रसायन नहीं लगाया जाता. इसका मतलब यह है कि आपकी मिट्टी की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता. इसके अलावा यह तरीका बेहद सस्ता है. आपको किसी महंगी मशीन या स्प्रे की जरूरत नहीं पड़ती. और हां, इससे मिट्टी की नमी और पोषक तत्व भी सुरक्षित रहते हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…और पढ़ें
मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।… और पढ़ें
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