कोर्ट ने कहा-इसकी तृप्ति गंभीर किस्म की: फर्जी नियुक्ति और पहचान पत्र तैयार करने वाले की जमानत याचिका खारिज – Gwalior News

ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मनीष जैन को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने आरोपी की दूसरी जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि मामला गंभीर प्रकृत

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ग्वालियर के थाना जनकगंज पुलिस ने 4 जुलाई 2025 को अमित रावत की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता अमित रावत ने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया था कि उसकी बहन की शादी के लिए उसने शादी डॉट कॉम पर एक प्रोफाइल बनाई थी।

इसके बाद एक व्यक्ति मोहित सिंह बनकर उससे संपर्क में आया था, जिसने खुद को गृह मंत्रालय का असिस्टेंट ऑफिसर बताया और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 8-9 लाख रुपए की ठगी कर ली थी। मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी का असली नाम मनोज श्रीवास है, जिसने फर्जी पहचान और फर्जी नियुक्ति पत्र का इस्तेमाल किया था।

6 सितंबर को गिरफ्तार किया था

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने में मनीष जैन नाम के व्यक्ति की भूमिका रही थी, जिसकी प्रिंटिंग प्रेस से ही सीबीआई अधिकारी का फर्जी पहचान पत्र और फूड इंस्पेक्टर की फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कराए गए थे। जिसके बाद पुलिस में कार्रवाई करते हुए मनीष जैन को 6 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया था।

पुलिस पूछताछ में मनीष ने यह स्वीकार किया था कि उसने ही मनोज श्रीवास के कहने पर गूगल से आधार कार्ड और सीबीआई कार्ड डाउनलोड कर फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार किए और इसके बदले में उसने तीन हजार रुपए भी लिए थे।

आरोपी मनीष जैन की ओर से 18 सितंबर को जिला एवं शास्त्र न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी। कहा गया कि उसका इस अपराध से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वो एक प्रतिष्ठित नागरिक है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता, दस्तावेजों की कूटरचना और लाखों की ठगी को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी हैं।

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