गाय का दूध अमृत लेकिन आयुर्वेद में इन गायों का दूध पीना है मना, फायदे के बजाय होता है नुकसान!

Last Updated:

Gaay ka doodh: गाय का दूध वैसे तो अमृत है लेकिन आयुर्वेद में कुछ गायों के दूध पीने के लिए मना किया गया है. चरक संह‍िता में गाय के दूध के गुण और दोषों में इन गायों के बारे में बताया गया है, आइए जानते हैं जाने-माने आयुर्वेदाचार्य से..

गाय का दूध अमृत लेकिन आयुर्वेद में इन गायों का दूध पीना है मना, जानें क्‍योंकिस गाय का दूध पीना आयुर्वेद में है मना, जानें..

Gaay ka Doodh: आयुर्वेद में गाय को माता और उसके दूध को अमृत तुल्य बताया गया है. गाय के दूध में वे सभी गुण होते हैं जिनकी मनुष्य के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरत होती है. यही वजह है कि भारत में नवजात बच्चों को भी गाय का दूध पिलाया जाता है. इससे न केवल बच्चे बलिष्ठ और मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं बल्कि स्वस्थ भी रहते हैं. यहां तक कि सभी योगी भी गाय के दूध को सर्वश्रेष्ठ आहार मानते हैं, लेकिन इसके बावजूद आयुर्वेद में कुछ गायों के दूध को पीना निषेध बताया गया है.

आयुर्वेद के अनुसार गाय सर्वश्रेष्ठ है लेकिन फिर भी इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि कुछ गायों में दोष होते हैं और ऐसी गायों का दूध नहीं पीने से बचना चाहिए. हालांकि आयुर्वेद यह भी कहता है कि एक गाय के अंदर वह सामर्थ्य होती है कि अगर वे कोई जहरीला पदार्थ भी खा भी ले तो वह उसके शरीर में पहुंचकर गल जाता है और उसका असर उसके दूध में नहीं आ पाता है. हालांकि फिर भी दोषयुक्त गायों के बारे में जानना जरूरी है.

इस बारे में राष्‍ट्रीय आयुर्वेद व‍िद्यापीठ के सदस्‍य वैद्य अच्‍युत त्र‍िपाठी कहते हैं क‍ि आयुर्वेद के सबसे पुराने और विश्वसनीय शास्त्र चरक संहिता में सूत्र स्थान के 27 वें अध्याय में गाय के दूध का वर्णन किया गया है. इसमें गाय के दूध को अमृत समान बताया गया है साथ ही गाय के दूध के गुण और दोष दोनों ही दिए गए हैं. सहिंता कहती है कि गाय का दूध सभी दूधों में सर्वश्रेष्ठ होता है, यहां तक कि यह मां के दूध के समान ही पौष्टिक और पाचन में सहज होता है.

शास्त्र कहता है कि सबसे बेहतर गाय पर्वतीय इलाकों में पायी जाती हैं, जहां कई तरह की औषधीय वनस्पतियां होती हैं और गाय इन्हें खाती हैं. लेकिन इसमें यह भी बताया है कि अगर गाय में कुछ दोष हों तो उस गाय का दूध आयुर्वेद के अनुसार पीना सही नहीं है. ऐसा दोष युक्त दूध पीने से गाय के दूध से मिलने वाला शुद्ध तत्व नहीं मिल पाता है.

कौन सी गाय का दूध नहीं पीना चाहिए? 

. चरक संहिता कहती है कि गाय में कुष्ठ जैसे लक्षण हों और उसके शरीर का रंग अलग लेकिन उसके थन सफेद हों तो उस गाय का दूध नहीं पीना चाहिए.

. अगर उसके स्तन सिकुड़े हुए हों, सूजे हों या एक थन छोटा एक बड़ा हो, सफेद रंग का हो, या थनों में मस्से हों तो ऐसी गाय का दूध नहीं पीना चाहिए. इसे संहिता में स्तन्य दोष बताया गया है.

. जो गायें दूषित आहार लेती हैं, जैसे प्लास्टिक, कूड़ा, या किसी अन्य प्रकार का सड़ा-गला भोजन करने को मजबूर हैं, उन गायों का दूध नहीं पीना चाहिए.

priya gautamSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

गाय का दूध अमृत लेकिन आयुर्वेद में इन गायों का दूध पीना है मना, जानें क्‍यों

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *